छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना पर सख्ती, गलत जानकारी देने पर एफआईआर के निर्देश
छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सही जानकारी देना अनिवार्य होगा और गलत या भ्रामक जानकारी देने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित डिजिटल जनगणना को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। विष्णुदेव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी देना सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य होगा। किसी भी स्तर पर गलत, अधूरी या भ्रामक जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि डिजिटल जनगणना राज्य की योजनाओं, संसाधनों और विकास कार्यों की सही तस्वीर सामने लाने के लिए बेहद जरूरी है। यदि आंकड़े गलत होंगे तो नीतियों और योजनाओं का असर भी प्रभावित होगा, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम साय ने यह भी कहा कि जानबूझकर गलत जानकारी देने या जनगणना प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि जनगणना कर्मियों की सुरक्षा और तकनीकी सहयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से पूरी हो सके।
राज्य सरकार के अनुसार, डिजिटल माध्यम से होने वाली इस जनगणना में डेटा सीधे सरकारी सिस्टम में दर्ज होगा, जिससे पारंपरिक तरीकों की तुलना में गलतियों की संभावना कम होगी। इसके साथ ही समय और संसाधनों की भी बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कर्मियों का सहयोग करें और सही जानकारी साझा करें। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल सरकार के लिए नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य की योजनाओं के लिए आधार तैयार करती है।
प्रशासनिक अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि लोगों को जनगणना के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति न बने।
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