EU और भारत सुरक्षा व रक्षा भागीदारी पर आगे बढ़ेंगे: काज़ा कल्लास
यूरोपीय संघ (EU) और भारत ने नई सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। विदेश नीति प्रमुख काज़ा कल्लास के अनुसार यह कदम समुद्री सुरक्षा, साइबर रक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करेगा, और 27 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले शिखर सम्मेलन में इसका औपचारिक समापन संभव है।
ब्रुसेल्स/नई दिल्ली — यूरोपीय संघ (EU) ने भारत के साथ एक नई सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह घोषणा EU की विदेश नीति प्रमुख काज़ा कल्लास ने की है, जो यूरोपीय संसद में बयान दे रही थीं।
कल्लास ने कहा कि यह साझेदारी भारत और EU के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करेगी और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के समय दोनों लोकतांत्रिक पक्षों के बीच विश्वास और समन्वय को बढ़ाएगी।
यह नई साझेदारी समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित होगी, जिससे दोनों पक्षों के बीच रक्षा और सुरक्षा से जुड़े सामरिक हितों को आगे बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत-EU 60वें शिखर सम्मेलन से पहले उठाया गया है, जो 27 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। इस अवसर पर न केवल सुरक्षा साझेदारी पर रेखांकन होने की उम्मीद है, बल्कि दोनों पक्ष फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर भी महत्वपूर्ण प्रगति की घोषणा कर सकते हैं।
कल्लास ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक सुरक्षित व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है और ऐसे समय में EU तथा भारत को और अधिक महत्वाकांक्षी साझेदार बनना चाहिए। दोनों पक्ष दुनिया भर में नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के समर्थन और सहयोग को साझा करते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह नई सुरक्षा साझेदारी भारत-EU रिश्तों को स्टैटेजिक स्तर पर नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी और रक्षा उद्योग, तकनीकी सहयोग और साझा सुरक्षा हितों में व्यापक स्तर पर समर्थन प्रदान करेगी।
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