भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य का जेल अनुभव: इंजेक्शन लगाने का आरोप, 170 दिन की प्रताड़ना का दावा
भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य ने जेल में बिताए 170 दिनों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कैदी इंजेक्शन लगाते थे, एक ही कमरे में खाना और शौचालय था और पीने के पानी में कीड़े मिले। जानिए पूरा मामला और उनका बयान।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने जेल में बिताए अपने समय को लेकर गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि करीब 170 दिनों तक जेल में रहने के दौरान उन्हें कई तरह की मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
चैतन्य ने दावा किया कि जेल में चिकित्सा व्यवस्था बेहद खराब थी और कई बार कैदी ही उन्हें इंजेक्शन लगाने का काम करते थे। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद भयावह थी क्योंकि इलाज से ज्यादा डर का माहौल बना रहता था। उनका आरोप है कि इस तरह की व्यवस्था से कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर खतरा मंडराता रहता है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिस बैरक में उन्हें रखा गया था, वहां रहने की स्थिति बेहद खराब थी। कमरे के अंदर ही खाने और शौचालय की व्यवस्था थी, जिससे स्वच्छता बनाए रखना लगभग असंभव था। बदबू और गंदगी के कारण कैदियों को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
चैतन्य ने यह भी आरोप लगाया कि जेल में मिलने वाला पीने का पानी भी साफ नहीं था। उनके मुताबिक कई बार पानी में कीड़े दिखाई देते थे, जिससे कैदियों को मजबूरी में वही पानी पीना पड़ता था। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थितियां मानवाधिकारों के उल्लंघन जैसी हैं और इस पर गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
चैतन्य बघेल के इन आरोपों के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इस मामले में जेल प्रशासन और सरकार से जवाब मांगा है, जबकि कई सामाजिक संगठनों ने भी जेल व्यवस्था की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। हालांकि, अब तक जेल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मामले ने एक बार फिर देश में जेलों की स्थिति, कैदियों के अधिकार और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बहस छेड़ दी है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो जेल व्यवस्था में बड़े सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है।
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