दुर्ग में साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई, म्यूल अकाउंट चलाने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड की रकम ट्रांसफर करने के लिए करते थे। मामले में 30 संदिग्ध खातों की जांच जारी है।

Jun 18, 2026 - 18:20
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दुर्ग में साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई, म्यूल अकाउंट चलाने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार
साइबर ठगी के पैसों के लिए बैंक खाते किराए पर देते थे आरोपी, दुर्ग पुलिस ने 6 लोगों को दबोचा

दुर्ग। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग जिले की उतई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम के लेन-देन के लिए करने देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड भी जब्त किए हैं।

गृह मंत्रालय से मिली सूचना के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी मिली थी। इसके बाद उतई क्षेत्र में संचालित कुछ बैंक खातों की जांच की गई, जिसमें कई खातों में संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां सामने आईं।

साइबर ठगी की रकम होती थी ट्रांसफर

जांच में पता चला कि इन खातों में साइबर अपराध से जुड़ी लाखों रुपये की राशि जमा की जाती थी। बाद में यह पैसा दूसरे खातों में भेज दिया जाता था या नकद निकाल लिया जाता था। पुलिस ने इन खातों को "म्यूल अकाउंट" के रूप में चिन्हित किया, जिनका इस्तेमाल अवैध धन के प्रवाह को छिपाने के लिए किया जाता है।

दो वर्षों तक चलता रहा संदिग्ध लेन-देन

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों के जरिए लगातार संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए गए। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसकी कड़ियां अन्य राज्यों तक भी जुड़ी हो सकती हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने किया खुलासा

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम अन्य लोगों को इस्तेमाल करने दिए थे। इसके बदले उन्हें आर्थिक लाभ मिलता था। इन्हीं खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम इधर-उधर की जाती थी।

30 संदिग्ध खातों की जांच जारी

पुलिस ने फिलहाल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। मामले में करीब 30 संदिग्ध खाताधारकों के खिलाफ जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम कार्ड और बैंक खातों से जुड़े अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जा सकती है।

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