छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: BSc नर्सिंग में 10% परसेंटाइल नियम रद्द, 15 दिन में होगी दोबारा काउंसलिंग

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने BSc नर्सिंग प्रवेश में राज्य सरकार द्वारा लागू 10% परसेंटाइल नियम को अवैध घोषित कर दिया है। कोर्ट ने 15 दिनों के भीतर नई काउंसलिंग कर मेरिट के आधार पर खाली सीटें भरने के निर्देश दिए हैं।

Jul 11, 2026 - 13:59
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: BSc नर्सिंग में 10% परसेंटाइल नियम रद्द, 15 दिन में होगी दोबारा काउंसलिंग
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भवन के सामने छात्र-छात्राएं हाथों में फाइलें लेकर खड़े हैं। पृष्ठभूमि में न्याय का प्रतीक तराजू, नर्सिंग की किताबें और स्टेथोस्कोप दिखाई दें। माहौल न्यायिक और शैक्षणिक हो। यथार्थवादी न्यूज़ फोटोग्राफी शैली, 16:9 अनुपात, बिना किसी टेक्स्ट के।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीएससी नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में राज्य सरकार द्वारा लागू 10 प्रतिशत परसेंटाइल की अनिवार्यता को अवैध घोषित कर दिया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि खाली सीटों पर प्रवेश के लिए 15 दिनों के भीतर नई काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाए और सभी पात्र अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाए।

यह फैसला उन हजारों छात्रों के लिए राहत माना जा रहा है, जो 10 प्रतिशत परसेंटाइल की शर्त के कारण प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो गए थे।

क्या था 10% परसेंटाइल नियम?

राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बीएससी नर्सिंग में प्रवेश के लिए यह शर्त लागू की थी कि अभ्यर्थियों को सामान्य प्रवेश परीक्षा (CET) में कम से कम 10 प्रतिशत परसेंटाइल प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

इस नियम के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रवेश से वंचित रह गए और राज्य के विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों में करीब 2,000 से अधिक सीटें खाली रह गईं।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि—

  • राज्य सरकार द्वारा लागू 10 प्रतिशत परसेंटाइल की शर्त कानूनी रूप से उचित नहीं है।
  • इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) ही नर्सिंग शिक्षा से जुड़े मानक और पात्रता तय करने का अधिकार रखती है।
  • राज्य सरकार केंद्रीय नियमों में अपने स्तर पर बदलाव नहीं कर सकती।

अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रवेश प्रक्रिया भारतीय नर्सिंग परिषद के निर्धारित नियमों के अनुरूप ही संचालित की जानी चाहिए।

अब कैसे मिलेगा प्रवेश?

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब—

  • भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान (PCB) विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी,
  • जिन्होंने सामान्य प्रवेश परीक्षा (CET) में भाग लिया है,

उन्हें परसेंटाइल की बाध्यता के बिना मेरिट सूची के आधार पर प्रवेश का अवसर मिलेगा।

15 दिन में जारी होगा नया काउंसलिंग शेड्यूल

अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर नई काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी किया जाए।

इसके बाद रिक्त सीटों पर पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को मिली राहत

सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 10 प्रतिशत परसेंटाइल की शर्त के कारण विशेष रूप से आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों के कई पात्र छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित रह गए थे।

हाईकोर्ट ने माना कि इस नियम का असर सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों पर अधिक पड़ा और इससे बड़ी संख्या में सीटें भी खाली रह गईं।

छात्र क्या करें?

जिन अभ्यर्थियों ने बीएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में भाग लिया था, उन्हें अब नई काउंसलिंग प्रक्रिया पर नजर रखनी चाहिए। राज्य सरकार जल्द ही संशोधित कार्यक्रम जारी करेगी।

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे चिकित्सा शिक्षा विभाग और संबंधित सरकारी पोर्टल पर जारी आधिकारिक सूचनाओं की नियमित जांच करते रहें।

फैसले का असर

इस निर्णय से राज्य के सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों में खाली पड़ी सीटों को भरने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही, यह फैसला भविष्य की प्रवेश प्रक्रियाओं में केंद्रीय नियमों के पालन को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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