शुद्धिकरण विवाद पर मल्लिकार्जुन खड़गे नाराज, बोले- कांग्रेस में कम लोगों ने निंदा की
मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर कहा कि कांग्रेस के बहुत कम नेताओं ने इसकी निंदा की, जिससे उन्हें दुख हुआ। जानिए पूरा मामला।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ को लेकर अपनी ही पार्टी के नेताओं की प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई है। खड़गे ने कहा कि उन्हें इस बात से दुख हुआ कि कांग्रेस के बहुत ज्यादा नेताओं ने इस घटना की निंदा नहीं की।
खड़गे का यह बयान कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान सामने आया। उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनके कार्यक्रम के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को अपने लिए अपमानजनक बताते हुए इस घटना पर पार्टी के भीतर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर निराशा जाहिर की।
क्या है पूरा मामला?
मामला उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान से जुड़ा है। 8 अगस्त को खड़गे ने इसी स्थान पर कांग्रेस की एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया था। इसके दो दिन बाद वहां कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ की धार्मिक रस्म आयोजित की गई।
इस रस्म में गंगाजल और हवन का इस्तेमाल किए जाने की खबर सामने आई। आयोजकों से जुड़े लोगों ने दावा किया कि सभा के दौरान कुछ आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे और रामलीला मैदान जैसे सांस्कृतिक स्थल पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होना चाहिए।
खड़गे ने इसे बताया अपमानजनक
खड़गे ने इस घटना को लेकर कहा कि इससे उन्हें छुआछूत के दर्द का अहसास हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धिकरण करने की जरूरत क्यों पड़ी।
राज्यसभा में भी खड़गे ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटना समाज में जातिगत भेदभाव की मानसिकता को दर्शाती है।
‘कांग्रेस के कम लोगों ने निंदा की’
अब कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में खड़गे ने पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की। उनके अनुसार, घटना की उतनी निंदा नहीं की गई जितनी होनी चाहिए थी। इस टिप्पणी को पार्टी के भीतर इस मुद्दे को लेकर उनकी नाराजगी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, बाद में कांग्रेस के कुछ नेताओं और संगठनों ने इस घटना की खुलकर निंदा की। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने भी कथित शुद्धिकरण को खड़गे का अपमान बताते हुए प्रस्ताव पारित किया।
भाजपा ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कथित शुद्धिकरण की घटना को उचित नहीं बताया और मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती।
इससे राजनीतिक विवाद और तेज हो गया। कांग्रेस ने जहां इसे जातिगत भेदभाव और अपमान से जोड़कर उठाया, वहीं भाजपा ने घटना से दूरी बनाते हुए तथ्यों की जांच की बात कही।
राजनीतिक विवाद ने पकड़ा जोर
हल्द्वानी की यह घटना अब केवल स्थानीय विवाद नहीं रह गई है। कांग्रेस ने इसे सामाजिक समानता और दलित सम्मान से जोड़ दिया है, जबकि भाजपा की ओर से घटना में पार्टी की भूमिका से इनकार किया गया है।
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी कथित शुद्धिकरण की निंदा करते हुए इसे गंभीर और चिंताजनक बताया था।
आगे क्या?
खड़गे की नाराजगी के बाद कांग्रेस के भीतर भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के सामने अब यह सवाल है कि ऐसे मामलों पर संगठन के वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया कितनी तेज और एकजुट होनी चाहिए।
फिलहाल हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बना हुआ है। खड़गे का यह कहना कि कांग्रेस के बहुत कम नेताओं ने घटना की निंदा की, पार्टी के भीतर इस मुद्दे को लेकर उनकी अपेक्षाओं को भी सामने लाता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0









