भिलाई स्टील प्लांट की टाउनशिप में मकानों और जमीन के इस्तेमाल को लेकर आने वाले दिनों में नई व्यवस्था देखने को मिल सकती है। SAIL-SEFI की बैठक में आवास से जुड़े कई पुराने और महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा हुई। इनमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मकान उपलब्ध कराने के साथ-साथ टाउनशिप की संपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल का मुद्दा भी शामिल रहा।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बन सकती है नई व्यवस्था
बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि पात्र रिटायर्ड कर्मचारियों को टाउनशिप के कुछ आवास लाइसेंस व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराए जा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए पात्रता, मकानों की उपलब्धता और अन्य नियमों को लेकर अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।
अनधिकृत कब्जे वाले मकानों की होगी जांच
टाउनशिप में ऐसे मकानों पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल तय नियमों के मुताबिक नहीं हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अनधिकृत कब्जे और किराए पर चल रहे मकानों को खाली कराने की दिशा में कार्रवाई की जा सकती है। इससे खाली होने वाले आवासों को जरूरत और पात्रता के आधार पर दोबारा उपयोग में लाने का रास्ता खुल सकता है।
खाली जमीन को लेकर भी मंथन
सिर्फ मकानों तक ही मामला सीमित नहीं है। BSP के उपयोग में नहीं आ रही टाउनशिप की जमीन के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई है। ऐसी जमीन को अन्य सरकारी एजेंसियों को उपलब्ध कराने का विकल्प देखा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसियों के लिए आवास और दूसरी सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावना भी बताई गई है।
कई लंबित मुद्दे बैठक में उठे
बैठक के दौरान टाउनशिप की सुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्था, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आवास, लाइसेंस व्यवस्था और जमीन के इस्तेमाल जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इन फैसलों का सीधा असर BSP टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
फिलहाल BSP प्रबंधन की ओर से प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में रिटायर्ड कर्मियों को मकान देने की प्रक्रिया कब शुरू होगी और अनधिकृत कब्जों पर क्या कार्रवाई होगी, इस पर आगे के निर्णय का इंतजार है।