दुर्ग पुलिस की कार्रवाई: 5 आरोपी पकड़े, 10 धारदार हथियार जब्त
दुर्ग के मोहननगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग के दौरान धारदार हथियार लेकर घूम रहे 5 लोगों को पकड़ा। इनमें 3 बालिग और 2 विधि से संघर्षरत बालक हैं। कुल 10 हथियार जब्त किए गए।
दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: धारदार हथियार लेकर घूम रहे 5 पकड़े, 10 हथियार जब्त
दुर्ग: जिले में अड्डेबाजी और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए दुर्ग पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत मोहननगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने 5 लोगों को धारदार हथियारों के साथ पकड़ा है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 10 धारदार हथियार जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए 5 लोगों में 3 बालिग आरोपी और 2 विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। सभी के खिलाफ धारदार हथियार रखने के मामले में आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
लगातार की जा रही संदिग्ध व्यक्तियों की जांच
दुर्ग पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अपराध की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार पेट्रोलिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जा रही है। पुलिस ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी रख रही है, जहां अड्डेबाजी या असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें सामने आती हैं।
इसी अभियान के दौरान 29 अगस्त 2026 को मोहननगर थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया।
5 लोगों के पास मिले 10 धारदार हथियार
चेकिंग के दौरान पुलिस को 5 व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। तलाशी लेने पर इनके पास से धारदार हथियार बरामद हुए।
पुलिस के मुताबिक, सभी के कब्जे से कुल 10 नग धारदार हथियार जब्त किए गए। हथियारों को कब्जे में लेने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
पकड़े गए लोगों में 3 बालिग और 2 नाबालिग
पुलिस की जानकारी के अनुसार पकड़े गए लोगों में:
- जितेंद्र मरकाम, उम्र 24 वर्ष, निवासी बजरंग नगर, कंदरा पारा, थाना दुर्ग
- शैलेश देशमुख, उम्र 22 वर्ष, निवासी गया नगर, दुर्ग
- जय देशमुख, उम्र 21 वर्ष, निवासी बजरंग नगर, कंदरा पारा, थाना दुर्ग
- एक विधि से संघर्षरत बालक
- एक विधि से संघर्षरत बालक
शामिल हैं।
नाबालिगों की पहचान पुलिस द्वारा सार्वजनिक नहीं की गई है।
आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि धारदार हथियार रखने के संबंध में सभी मामलों में आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य किसी संभावित अपराध को होने से पहले रोकना है।
क्या था अपराध का तरीका?
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए लोग अपने पास धारदार हथियार रखकर क्षेत्र में घूम रहे थे। लगातार चेकिंग के दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली, जिसमें उनके कब्जे से हथियार बरामद हुए।
इसके बाद हथियारों को जब्त कर संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई।
अलग-अलग स्थानों पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई मोहननगर थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर की गई। पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि अड्डेबाजी और असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी।
अपराध होने से पहले रोकथाम पर जोर
दुर्ग पुलिस का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले उसकी रोकथाम करना है।
सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में थाना मोहननगर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने लगातार क्षेत्र में चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी की। इसी दौरान पांच लोगों को धारदार हथियारों के साथ पकड़ा गया।
पुलिस ने सभी मामलों में जब्त हथियारों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की है।
दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर अड्डेबाजी, संदिग्ध गतिविधि या किसी व्यक्ति के हथियार लेकर घूमने की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
पुलिस का कहना है कि अपराध की रोकथाम में आम नागरिकों का सहयोग महत्वपूर्ण है। संदिग्ध गतिविधियों की समय पर जानकारी मिलने से किसी बड़ी घटना को रोका जा सकता है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में असामाजिक गतिविधियों और संदिग्ध लोगों के खिलाफ चेकिंग और वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का फोकस सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अपराध को शुरुआती स्तर पर ही रोकने पर है।
नोट: यह खबर दुर्ग पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है; मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
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