पश्चिम बंगाल के 20 लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने बकाया महंगाई भत्ता देने का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को 20 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स का बकाया महंगाई भत्ता देने का आदेश दिया है। जानिए फैसले की पूरी जानकारी, कर्मचारियों को कितना फायदा होगा और राज्य सरकार पर इसका क्या असर पड़ेगा।
पश्चिम बंगाल के करीब 20 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह कर्मचारियों को बकाया महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) का भुगतान करे। यह फैसला लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद आया है, जिसमें कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर डीए की मांग की थी।
कर्मचारी संगठनों का आरोप था कि राज्य सरकार कई वर्षों से डीए का भुगतान पूरी तरह नहीं कर रही थी। इससे कर्मचारियों की आय पर असर पड़ रहा था और महंगाई बढ़ने के बावजूद उन्हें पर्याप्त राहत नहीं मिल रही थी। मामला पहले राज्य प्रशासनिक ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट तक पहुंचा था, जिसके बाद यह सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए गया।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि
महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का अहम हिस्सा है।
इसे रोकना या टालना कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है।
राज्य सरकार को तय समय के भीतर बकाया राशि का भुगतान करना होगा।
कितना बकाया डीए मिल सकता है?
जानकारों के अनुसार पश्चिम बंगाल में कर्मचारियों और केंद्र सरकार के डीए के बीच लंबे समय से बड़ा अंतर रहा है। माना जा रहा है कि कर्मचारियों को कई किस्तों में बकाया भुगतान किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों को लाखों रुपये तक का लाभ मिल सकता है।
राज्य सरकार पर वित्तीय असर
इस फैसले के बाद राज्य सरकार पर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने की संभावना है। सरकार पहले भी आर्थिक चुनौतियों का हवाला दे चुकी है, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भुगतान करना जरूरी हो गया है।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को क्या फायदा होगा?
कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी होगी
लंबे समय से लंबित भुगतान मिलने से आर्थिक राहत मिलेगी
भविष्य में डीए भुगतान को लेकर स्पष्ट नीति बनने की उम्मीद बढ़ेगी ।
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