दुर्ग में अन्ना रेड्डी सट्टा ऐप का खुलासा: 3 आरोपी गिरफ्तार, 81 ATM कार्ड और 62 पासबुक जब्त

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने 'अन्ना रेड्डी' ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया। तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने 81 एटीएम कार्ड, 62 पासबुक, मोबाइल, लैपटॉप समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।

Jun 22, 2026 - 16:40
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दुर्ग में अन्ना रेड्डी सट्टा ऐप का खुलासा: 3 आरोपी गिरफ्तार, 81 ATM कार्ड और 62 पासबुक जब्त
दुर्ग में ऑनलाइन सट्टा रैकेट का पर्दाफाश: 'अन्ना रेड्डी' ऐप से चल रहा था नेटवर्क, 3 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा और अवैध वित्तीय लेन-देन से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी 'अन्ना रेड्डी' नाम के ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए सट्टा कारोबार संचालित कर रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं।

81 एटीएम कार्ड और 62 पासबुक बरामद

पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से 81 एटीएम कार्ड, 62 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, 13 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और एक हार्ड डिस्क बरामद की गई। जब्त किए गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब इन सभी डिजिटल उपकरणों और बैंक खातों की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कर रही है।

गरीब लोगों के नाम पर खुलवाए जाते थे बैंक खाते

जांच में पता चला कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में रख लेते थे। इन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे से आने वाले पैसों को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने और असली नेटवर्क को छिपाने के लिए किया जाता था।

मैदान में बैठकर चला रहे थे पूरा नेटवर्क

पुलिस को 21 जून को सूचना मिली थी कि खुर्सीपार स्थित आईटीआई खेल मैदान के पास कुछ युवक लैपटॉप और मोबाइल की मदद से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना के आधार पर खुर्सीपार पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर तीनों को मौके पर ही पकड़ लिया।

लैपटॉप और मोबाइल में मिला पूरा रिकॉर्ड

तलाशी के दौरान आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल फोन से ऑनलाइन लेन-देन और बैंक खातों से जुड़े कई डिजिटल रिकॉर्ड मिले। पूछताछ में आरोपियों ने ऑनलाइन सट्टा संचालन और अवैध पैसों के ट्रांजैक्शन में अपनी भूमिका स्वीकार की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय मिश्रा (23), निवासी सेक्टर-1 भिलाई, दीपक कुमार (32), निवासी नालंदा (बिहार) और करण कुमार सिंह (26), निवासी खुर्सीपार भिलाई के रूप में हुई है।

रांची से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आईपीएल सीजन के दौरान इस ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का संचालन झारखंड के रांची से किया जा रहा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मुख्य संचालकों की तलाश में जुटी है।

क्या होता है 'म्यूल अकाउंट'?

पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में 'म्यूल अकाउंट' का इस्तेमाल किया जाता था। ऐसे खाते उन लोगों के नाम पर खोले जाते हैं जिनका अवैध लेन-देन से सीधा संबंध नहीं होता। अपराधी इन खातों के जरिए सट्टे की रकम अलग-अलग स्थानों पर भेजते हैं, जिससे असली संचालकों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इस प्रक्रिया में कई बैंक खाते, मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और डिजिटल डिवाइस का उपयोग कर ट्रांजैक्शन की पहचान छिपाने की कोशिश की जाती है।

पुलिस की जांच जारी

फिलहाल पुलिस जब्त किए गए बैंक खातों, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बड़े वित्तीय लेन-देन का भी खुलासा हो सकता है।

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