राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: आरोपियों के अवैध मकानों पर बुलडोजर की तैयारी, ट्रस्टी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों के कथित अवैध निर्माण प्रशासन के निशाने पर हैं। इसी बीच ट्रस्ट के एक ट्रस्टी ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।

Jul 2, 2026 - 12:03
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: आरोपियों के अवैध मकानों पर बुलडोजर की तैयारी, ट्रस्टी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: बुलडोजर एक्शन की तैयारी, ट्रस्ट के भीतर भी बढ़ी बयानबाजी

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच अब प्रशासन ने आरोपियों से जुड़ी उन संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी है, जिनके निर्माण में नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। विकास प्राधिकरण ऐसे भवनों के दस्तावेज, स्वीकृत नक्शे और निर्माण प्रक्रिया की पड़ताल कर रहा है।

प्रारंभिक जांच में कुछ आरोपियों के मकानों को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्माण निर्धारित नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जांच के दौरान आरोपियों के ठिकानों से बरामद नकदी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है।

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने सहायक प्रशासनिक अधिकारी गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर कई फैसलों में अव्यवस्था रही है और मंदिर की परंपराओं का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी भी अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

हालांकि, गोपाल राव की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

दूसरी ओर, विशेष जांच दल (SIT) पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटा है। अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या चढ़ावा चोरी के अलावा नियुक्तियों, वित्तीय लेनदेन या प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी।

सूत्रों के अनुसार, कुछ नियुक्तियों को लेकर भी जांच का दायरा बढ़ाया गया है। संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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