पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति पर TMC ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

टीएमसी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मतगणना के लिए केवल केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। पार्टी ने निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की है।

May 2, 2026 - 10:12
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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति पर TMC ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
केंद्रीय कर्मचारियों को ही काउंटिंग सुपरवाइजर बनाने के फैसले के खिलाफ TMC सुप्रीम कोर्ट पहुंची, 4 मई से पहले सुनवाई की मांग

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मतगणना प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। पार्टी ने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें मतगणना के दौरान काउंटिंग सुपरवाइजर और असिस्टेंट के रूप में मुख्यतः केंद्रीय सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को नियुक्त करने की बात कही गई है।

यह मामला पहले कलकत्ता हाईकोर्ट में उठाया गया था, लेकिन वहां अदालत ने TMC की याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चुनाव आयोग को यह अधिकार है कि वह तय करे कि मतगणना के लिए किन कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। अदालत ने यह भी माना कि इस फैसले में कोई कानूनी खामी नहीं है।

अब TMC ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले तुरंत सुनवाई की मांग की है। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ करेगी।

TMC की दलीलें क्या हैं?

पार्टी का कहना है कि:

  • राज्य सरकार के कर्मचारियों को इस प्रक्रिया से बाहर रखना अनुचित है
  • चुनाव आयोग की गाइडलाइन में ऐसा कोई अनिवार्य नियम नहीं है कि केवल केंद्रीय कर्मचारी ही नियुक्त हों
  • इससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है

TMC ने यह भी आशंका जताई है कि केंद्रीय कर्मचारी राजनीतिक प्रभाव में आ सकते हैं, जिससे चुनाव में बराबरी का माहौल प्रभावित हो सकता है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC की दलीलों को खारिज करते हुए कहा:

  • चुनाव आयोग को नियुक्ति का पूरा अधिकार है
  • केंद्रीय या राज्य, किसी भी स्तर के कर्मचारी लगाए जा सकते हैं
  • मतगणना प्रक्रिया में पहले से कई सुरक्षा उपाय मौजूद हैं जैसे CCTV, माइक्रो-ऑब्जर्वर और उम्मीदवारों के एजेंट

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आशंका के आधार पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।

आगे क्या होगा?

अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट पर है, जहां इस मामले में जल्द सुनवाई होगी। क्योंकि मतगणना की तारीख नजदीक है, इसलिए अदालत का फैसला चुनाव प्रक्रिया पर सीधा असर डाल सकता है।

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