बस्तर में बड़ा सरेंडर: टॉप नक्सली पापाराव ने AK-47 के साथ डाले हथियार, माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका

छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद को बड़ा झटका लगा है। टॉप नक्सली पापाराव ने साथियों सहित AK-47 समेत हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। कुल 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिससे पश्चिम बस्तर डिवीजन में माओवादी नेटवर्क लगभग खत्म माना जा रहा है।

Mar 24, 2026 - 18:26
 0  6
बस्तर में बड़ा सरेंडर: टॉप नक्सली पापाराव ने AK-47 के साथ डाले हथियार, माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका
बस्तर नक्सलमुक्ति के करीब: आखिरी बड़े कैडर पापाराव ने किया सरेंडर, 18 नक्सलियों ने छोड़ी हिंसा

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता की खबर सामने आई है। नक्सलमुक्ति की तय समयसीमा से ठीक पहले इलाके के एक बड़े और सक्रिय माओवादी नेता पापाराव ने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। वह आधुनिक हथियारों के साथ बीजापुर जिले के एक थाने पहुंचा, जहां से सभी को आगे की प्रक्रिया के लिए जगदलपुर ले जाया गया।

बताया जा रहा है कि पापाराव, जिसे मंगू के नाम से भी जाना जाता है, लंबे समय से संगठन में सक्रिय था और पश्चिम बस्तर क्षेत्र में उसकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों की गहरी जानकारी होने के कारण वह कई बार सुरक्षा बलों से बच निकलने में सफल रहा था।

18 नक्सलियों ने एक साथ छोड़ा हथियार

राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मुताबिक, इस कार्रवाई में कुल 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें पुरुष और महिला दोनों शामिल हैं। इनके पास से कई आधुनिक हथियार भी बरामद हुए हैं, जिनमें AK-47, SLR और INSAS राइफलें शामिल हैं। यह सरेंडर सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

संगठन को बड़ा झटका

पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन में माओवादी संगठन लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया है। इससे पहले भी कई बड़े नक्सली या तो मारे जा चुके हैं या उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। ऐसे में संगठन की ताकत लगातार कमजोर होती जा रही है।

पिछले एक साल में बदला हालात

बीते एक साल में सुरक्षा बलों ने कई बड़े ऑपरेशन चलाए, जिनमें संगठन के कई शीर्ष नेता मारे गए। इसके अलावा, कई वरिष्ठ नक्सलियों ने भी अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इस कारण बस्तर में नक्सली नेटवर्क तेजी से बिखरता नजर आ रहा है।

बस्तर नक्सलमुक्ति की ओर

जानकारों का मानना है कि पापाराव के सरेंडर के बाद बस्तर में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और अब क्षेत्र को पूरी तरह नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य और करीब आ गया है। फिलहाल बचे हुए कैडर या तो उम्रदराज हैं या सक्रिय लड़ाई में नहीं हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0