छत्तीसगढ़ में महिला आरक्षण पर बड़ा फैसला: विधानसभा ने पास किया 33% कोटा प्रस्ताव, कांग्रेस ने किया बहिष्कार

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे तत्काल लागू करने की मांग की, जबकि विपक्ष ने विरोध करते हुए वॉकआउट किया।

May 1, 2026 - 18:54
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छत्तीसगढ़ में महिला आरक्षण पर बड़ा फैसला: विधानसभा ने पास किया 33% कोटा प्रस्ताव, कांग्रेस ने किया बहिष्कार
छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण का प्रस्ताव पारित, विपक्ष का वॉकआउट

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने को लेकर अहम प्रस्ताव पारित किया गया। यह प्रस्ताव लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग करता है, जिसे परिसीमन (डिलिमिटेशन) प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू करने की बात कही गई है।

लंबी चर्चा के बाद पारित हुआ प्रस्ताव

करीब 10 घंटे तक चली विस्तृत चर्चा के बाद यह प्रस्ताव सदन में पारित हुआ। इस विशेष एकदिवसीय सत्र को इसी मुद्दे पर विचार के लिए बुलाया गया था।

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान, समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए यह कदम बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि परिसीमन प्रक्रिया के बाद इस आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए।

विपक्ष ने उठाए सवाल

विपक्ष के नेता Charan Das Mahant ने भी इसी तरह का प्रस्ताव पेश करने की बात कही, लेकिन उसे चर्चा के लिए नहीं लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले से आरक्षण की मांग मौजूद है, तो इसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है।

विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि इस मुद्दे को परिसीमन से जोड़ना सही नहीं है और इसे मौजूदा सीटों के आधार पर ही लागू किया जा सकता है।

सदन में तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप

चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन नहीं करना चाहता।

बीच-बीच में यह भी सवाल उठा कि राज्यों में महिला नेतृत्व को लेकर दोनों पक्षों का रिकॉर्ड कैसा रहा है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि भी बनी मुद्दा

हाल ही में संसद में महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया था, जिसके बाद कई राज्यों में इस मुद्दे पर प्रस्ताव लाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसी क्रम में यह पहल देखी जा रही है।

वॉकआउट के साथ समाप्त हुई कार्यवाही

चर्चा के अंत में विपक्ष ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद प्रस्ताव को पारित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने अपने समापन वक्तव्य में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीति स्पष्ट है, लेकिन कुछ दल राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को आगे बढ़ने नहीं देना चाहते।

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