देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर बड़ा विवाद सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। पेपर लीक के आरोपों के बीच National Testing Agency (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी है और अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए माना कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई थीं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 2027 से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल 21 जून को होने वाला री-एग्जाम पुराने पेपर-पेन मोड में ही कराया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर गलत तरीके से चयनित उम्मीदवारों को मेडिकल सीट हासिल नहीं करने देना चाहती। इसी कारण परीक्षा रद्द करने का कठिन लेकिन जरूरी फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि 7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई और 12 मई को दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
छात्रों के लिए बड़े अपडेट
- नया एडमिट कार्ड 14 जून से जारी किया जाएगा।
- परीक्षा में छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा।
- अभ्यर्थियों को अपना पसंदीदा परीक्षा केंद्र चुनने के लिए 7 दिनों का समय दिया जाएगा।
CBI जांच में क्या सामने आया?
पेपर लीक मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation कर रही है। एजेंसी अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र कथित तौर पर राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था। आरोपियों ने पेपर को स्कैन कर PDF के रूप में कई छात्रों तक पहुंचाया।
सूत्रों के अनुसार, कुछ छात्रों से पेपर उपलब्ध कराने के बदले लाखों रुपए वसूले गए। जांच एजेंसियों को ऐसे हस्तलिखित प्रश्नपत्र भी मिले हैं जिनमें असली परीक्षा के लगभग 150 सवाल हूबहू मौजूद थे।
कई राज्यों में छापेमारी
CBI ने राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा समेत कई राज्यों में कार्रवाई की है। कोचिंग सेंटर संचालकों, छात्रों और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। कुछ गिरफ्तार आरोपियों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें पूछताछ के लिए कस्टडी में भेजा गया।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
पेपर लीक विवाद के बाद मेडिकल संगठनों और छात्र समूहों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया है। कुछ याचिकाओं में परीक्षा की निगरानी कोर्ट से कराने और NTA की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की गई है।
पहले भी विवादों में रही NEET
यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में आई हो। 2024 में भी पेपर लीक और रिजल्ट गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस समय कई राज्यों में जांच हुई थी और कुछ परीक्षा केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उस समय पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी।