कुम्हारी अग्निकांड: 3 दिन में रिपोर्ट देगी जांच कमेटी, CCTV फुटेज में नहीं दिखा शॉर्ट-सर्किट
दुर्ग के कुम्हारी अग्निकांड में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने 6 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। CCTV फुटेज में शॉर्ट-सर्किट के संकेत नहीं मिलने से जांच नए एंगल पर पहुंच गई है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीर जांच शुरू कर दी है। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। घटना के बाद दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने पूरे मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय विशेष कमेटी का गठन किया है, जिसे तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
CCTV फुटेज से बदला जांच का एंगल
शुरुआती जानकारी में आग लगने की वजह बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट-सर्किट को माना जा रहा था। स्थानीय लोगों ने दावा किया था कि बिजली लाइन से निकली चिंगारी के बाद आग घर तक पहुंची और फिर किचन में रखे गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया।
हालांकि अब सामने आए CCTV फुटेज ने जांच की दिशा बदल दी है। फुटेज में कहीं भी बिजली के खंभे से चिंगारी या आग निकलती दिखाई नहीं दे रही। वीडियो में घर के अंदर से धुआं उठता नजर आता है, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल जाती है। पूरी घटना करीब ढाई मिनट के भीतर हुई बताई जा रही है।
6 अधिकारियों की टीम करेगी जांच
कलेक्टर कार्यालय द्वारा 13 मई को जारी आदेश के मुताबिक, कुम्हारी नगर पालिका के वार्ड नंबर-4 महामाया पारा में हुई इस घटना की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच समिति की अगुवाई मिलाई-3 के तहसीलदार और कार्यपालिक दंडाधिकारी रवि विश्वकर्मा को सौंपी गई है।
कमेटी में नगर सेना, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, फॉरेंसिक टीम, विद्युत विभाग और नगर पालिका के अधिकारी शामिल किए गए हैं। टीम को 16 मई तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
मजदूर परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक अनिल वैष्णव एक स्टील कंपनी में मजदूरी करते थे। हादसे वाले दिन वह घर पर ही मौजूद थे। आग की चपेट में आने से उनकी, उनकी दिव्यांग बेटी लक्ष्मी, दूसरी बेटी चांदनी और डेढ़ साल की मासूम गोपिका की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि आग और सिलेंडर धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि परिवार के लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद पूरा मकान जलकर राख हो गया।
परिवार के चार सदस्य बाल-बाल बचे
घटना के समय अनिल की पत्नी गिरजा, बेटा गौतम, बेटी भारती और पिता राधेश्याम घर से बाहर थे। इसी वजह से उनकी जान बच गई। जानकारी के मुताबिक, जिस गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ वह उसी दिन घर में लाया गया था।
अब प्रशासन CCTV फुटेज, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी।
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