दिल्ली ब्लास्ट जांच में बड़ा खुलासा: आतंकियों ने YouTube और ChatGPT का लिया सहारा, NIA चार्जशीट में सामने आई पूरी साजिश

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में NIA की 7500 पन्नों की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के मुताबिक आतंकियों ने YouTube और ChatGPT जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से रॉकेट IED, ड्रोन अटैक और विस्फोटक तैयार करने की जानकारी जुटाई थी।

May 25, 2026 - 11:25
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दिल्ली ब्लास्ट जांच में बड़ा खुलासा: आतंकियों ने YouTube और ChatGPT का लिया सहारा, NIA चार्जशीट में सामने आई पूरी साजिश
NIA का दावा- दिल्ली ब्लास्ट की साजिश में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल, ऑनलाइन रिसर्च से तैयार किए गए IED और ड्रोन सिस्टम

दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। एजेंसी की हजारों पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि आतंकी मॉड्यूल ने आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए विस्फोटक और ड्रोन अटैक की योजना तैयार की थी।

जांच के अनुसार, आरोपियों ने इंटरनेट पर रॉकेट सिस्टम, विस्फोटक तैयार करने की प्रक्रिया और केमिकल मिश्रण से जुड़ी जानकारियां खोजीं। इसके लिए वीडियो प्लेटफॉर्म और AI आधारित चैट सेवाओं का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी का कहना है कि ऑनलाइन रिसर्च के जरिए IED तैयार करने और ड्रोन की क्षमता बढ़ाने की कोशिश की गई।

AQIS से जुड़े मॉड्यूल पर शक

NIA की जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े मॉड्यूल के संपर्क में था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि मॉड्यूल में शामिल कुछ लोग तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक विशेषज्ञता रखते थे, जिनकी मदद से विस्फोटक उपकरण और ट्रिगर सिस्टम विकसित किए गए।

चार्जशीट में जसिर बिलाल वानी को मॉड्यूल का तकनीकी विशेषज्ञ बताया गया है। एजेंसी के मुताबिक वह कई बार हरियाणा स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस में रुका और वहां मौजूद आरोपियों को तकनीकी सहायता देता रहा।

डॉक्टरों की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क में मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े लोग भी शामिल थे। मुख्य आरोपी डॉ. उमर-उन-नबी पर आरोप है कि उसने विस्फोटक तकनीक और रॉकेट IED से जुड़ी रिसर्च में अहम भूमिका निभाई।

NIA के अनुसार, कुछ आरोपियों ने विस्फोटक सामग्री जुटाने और IED निर्माण में सहयोग किया। जांच में यह भी सामने आया कि जंगलों में जाकर इन उपकरणों का परीक्षण किया गया था।

ड्रोन हमले की भी थी तैयारी

चार्जशीट में दावा किया गया है कि आरोपी सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन आधारित हमले की योजना बना रहे थे। इसके लिए ड्रोन की उड़ान क्षमता और वजन उठाने की ताकत बढ़ाने पर काम किया जा रहा था।

एजेंसी के मुताबिक, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सेंसर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदे गए थे। इनका इस्तेमाल ट्रिगर सिस्टम और रिमोट ऑपरेशन तैयार करने में किया जाना था।

लाल किला ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ खतरनाक विस्फोटक

NIA का कहना है कि लाल किले के पास हुए धमाके में अत्यधिक संवेदनशील विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। जांच के दौरान अलग-अलग प्रकार के IED और उनके परीक्षण से जुड़े सबूत भी मिले हैं।

धमाके में कई लोगों की जान गई थी, जबकि कई घायल हुए थे। इस मामले में एजेंसी ने विशेष अदालत में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है।

UNSC रिपोर्ट में जैश का जिक्र

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली ब्लास्ट की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कश्मीर में हालिया आतंकी गतिविधियों से जुड़े कई आतंकी मारे जा चुके हैं।

सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।

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