Bilaspur Bird Flu Alert: 5 हजार मुर्गियों की मौत के बाद हड़कंप, खुले में फेंके गए शव

बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद 5 हजार मुर्गियों की मौत हुई। कॉलोनी के पास मरे मुर्गे मिलने से लोगों में दहशत है। रायगढ़ में भी अलर्ट जारी किया गया है।

Mar 25, 2026 - 17:41
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Bilaspur Bird Flu Alert: 5 हजार मुर्गियों की मौत के बाद हड़कंप, खुले में फेंके गए शव
बिलासपुर में बर्ड फ्लू का खतरा: कॉलोनी के बाहर फेंके मिले मरे मुर्गे, रायगढ़ में अलर्ट

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत के बाद संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस बीच प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और डर दोनों बढ़ गए हैं।

5 हजार से ज्यादा मुर्गियों की मौत

कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में बीते कुछ दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों की मौत हो गई। शुरुआती दौर में इसे सामान्य बीमारी माना गया, लेकिन जब मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा, तब जांच कराई गई। लैब रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि हुई है।

कॉलोनी के पास मिले मरे मुर्गे

संक्रमण की पुष्टि के बाद प्रशासन ने दावा किया था कि सभी मरे हुए पक्षियों को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया है। लेकिन खमतराई इलाके की एक कॉलोनी के पास बोरियों में भरे 30-35 मरे मुर्गे मिलने से यह दावा सवालों के घेरे में आ गया।
नाली के पास फेंके गए इन मुर्गों से तेज बदबू फैल रही है, जिससे आसपास रहने वाले लोग काफी परेशान हैं और उन्होंने तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

फार्म बंद, क्षेत्र घोषित संवेदनशील

संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए पोल्ट्री फार्म को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इसके आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है। साथ ही हजारों अंडों और मृत पक्षियों को नष्ट किया गया है।

रायगढ़ में भी सतर्कता

बिलासपुर में स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन ने पड़ोसी जिले रायगढ़ में भी अलर्ट जारी कर दिया है। वहां भी पोल्ट्री गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

सरकारी पोल्ट्री फार्म की स्थिति

कोनी का यह पोल्ट्री फार्म सरकार द्वारा संचालित है, जहां अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को मुर्गी पालन के लिए सहयोग दिया जाता है। यहां हजारों की संख्या में पक्षियों का पालन और प्रजनन किया जाता है।

कैसे बढ़ा मामला

जानकारी के अनुसार, 18 मार्च से मुर्गियों की मौत शुरू हुई थी। पहले संख्या कम थी, लेकिन धीरे-धीरे यह तेजी से बढ़ती गई और कुछ ही दिनों में हजारों पक्षियों की मौत हो गई।

स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि खुले में फेंके गए संक्रमित मुर्गे संक्रमण को और तेजी से फैला सकते हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द सफाई और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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