रायपुर निगम में 69 जमीनों की फाइलें गायब: 100 करोड़ से ज्यादा घोटाले का आरोप, EOW जांच की मांग

रायपुर नगर निगम के जोन-10 अमलीडीह ऑफिस से 69 जमीनों की फाइल गायब होने का मामला सामने आया है। जांच में कई अनियमितताएं मिलीं, पूर्व मेयर ने 100 करोड़ से ज्यादा घोटाले का आरोप लगाकर EOW जांच की मांग की।

Apr 21, 2026 - 19:59
 0  1
रायपुर निगम में 69 जमीनों की फाइलें गायब: 100 करोड़ से ज्यादा घोटाले का आरोप, EOW जांच की मांग
अमलीडीह जोन ऑफिस से 100 एकड़ जमीन की फाइल गायब, जांच में गड़बड़ियां उजागर; 4 अधिकारी सस्पेंड

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जोन-10 अमलीडीह कार्यालय से करीब 100 एकड़ जमीन से संबंधित 69 अहम फाइलें गायब हो गई हैं। इस घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में कई स्तर पर नियमों की अनदेखी की गई। बिना सक्षम अनुमति के सड़क निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव सीधे नगर एवं ग्राम निवेश (T&CP) विभाग को भेज दिया गया, जबकि इसके लिए निगम आयुक्त की स्वीकृति जरूरी होती है।

13 अप्रैल 2026 को किए गए स्थल निरीक्षण में पाया गया कि प्रस्तावित नक्शे और जमीन की वास्तविक स्थिति में भारी अंतर है। कई निर्माण नक्शे में दर्ज नहीं थे, जबकि सड़कों की चौड़ाई और प्लॉट के आकार भी गलत दर्शाए गए। पुराने सैटेलाइट इमेज के आधार पर भी प्रस्ताव की कई बातें भ्रामक पाई गईं।

रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध प्लॉटिंग जारी थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उल्टा, ऐसे क्षेत्रों को ही प्रस्ताव में शामिल कर आगे बढ़ाया गया।

सबसे गंभीर पहलू यह है कि इस पूरे प्रकरण से जुड़ी 69 जमीनों की मूल फाइलें—जिनमें रजिस्ट्री, स्वीकृतियां और अन्य दस्तावेज शामिल थे—गायब हैं। अधिकारियों ने फाइलों के गायब होने की जानकारी दी, जबकि दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं। इससे पूरे मामले में साजिश की आशंका जताई जा रही है।

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पहले गलत प्रस्ताव तैयार किया गया, फिर उसे बिना अनुमति आगे बढ़ाया गया और जब मामला उजागर हुआ, तो फाइलें गायब कर दी गईं। इसे केवल लापरवाही नहीं बल्कि संभावित आपराधिक कृत्य माना जा रहा है।

पूर्व मेयर एजाज ढेबर ने इस मामले को नगर निगम के इतिहास की सबसे बड़ी लापरवाही बताते हुए 100 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से कराने की मांग की है।

विपक्ष के नेताओं ने भी निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह पूरा मामला बिल्डर्स को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया और इसमें बड़े स्तर पर मिलीभगत की आशंका है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए निगम आयुक्त ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही आगे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0