महासमुंद LPG गैस गबन कांड में बड़ी कार्रवाई, ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक और बेटे गिरफ्तार

महासमुंद में करोड़ों रुपये के LPG गैस गबन मामले में पुलिस ने ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के संचालक संतोष सिंह ठाकुर और उनके बेटे सार्थक ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया है। मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

May 29, 2026 - 12:44
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महासमुंद LPG गैस गबन कांड में बड़ी कार्रवाई, ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक और बेटे गिरफ्तार
92 टन LPG गैस चोरी मामले में फरार पिता-पुत्र गिरफ्तार, कोल्हापुर के होटल में छिपे थे आरोपी

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सामने आए करोड़ों रुपये के एलपीजी गैस गबन मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के संचालक संतोष सिंह ठाकुर और उनके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए होटल में छिपकर रह रहे थे।

महासमुंद पुलिस ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि मामले की जांच के दौरान लगातार तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। पुलिस टीमों को रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, पुणे, मुंबई, कोलकाता और कोल्हापुर सहित कई स्थानों पर भेजा गया था। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और मोबा

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सामने आए करोड़ों रुपये के एलपीजी गैस गबन मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के संचालक संतोष सिंह ठाकुर और उनके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए होटल में छिपकर रह रहे थे।

महासमुंद पुलिस ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि मामले की जांच के दौरान लगातार तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। पुलिस टीमों को रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, पुणे, मुंबई, कोलकाता और कोल्हापुर सहित कई स्थानों पर भेजा गया था। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

जांच में पता चला कि दोनों आरोपी कोल्हापुर के एक होटल में ठहरे हुए हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान संतोष सिंह ठाकुर के पास से नकदी भी बरामद की है।

इस मामले में इससे पहले जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, गौरव गैस एजेंसी के मैनेजर पंकज चंद्राकर और ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स से जुड़े दो कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरा मामला एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों से गैस गायब करने से जुड़ा है। दिसंबर 2025 में सिंघोड़ा पुलिस ने छह गैस से भरे ट्रकों को जब्त किया था। बाद में सुरक्षा कारणों से इन वाहनों को सुरक्षित स्थान पर रखने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के माध्यम से ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सौंपी गई थी।

आरोप है कि इसी दौरान पांच कैप्सूल ट्रकों से बड़ी मात्रा में एलपीजी गैस निकालकर उसकी अवैध बिक्री की गई। जांच में करीब 87 से 92 टन गैस गायब होने की बात सामने आई है। गबन की गई गैस की कीमत लाखों रुपये आंकी गई है, जबकि इसे ऊंची रकम में बेचने का सौदा किया गया था।

मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आर्थिक अपराध और कालाबाजारी से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जांच शुरू की थी। फरार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की जानकारी जुटा रही है।

यह मामला प्रदेश में गैस भंडारण और परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

इल लोकेशन के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

जांच में पता चला कि दोनों आरोपी कोल्हापुर के एक होटल में ठहरे हुए हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान संतोष सिंह ठाकुर के पास से नकदी भी बरामद की है।

इस मामले में इससे पहले जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, गौरव गैस एजेंसी के मैनेजर पंकज चंद्राकर और ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स से जुड़े दो कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरा मामला एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों से गैस गायब करने से जुड़ा है। दिसंबर 2025 में सिंघोड़ा पुलिस ने छह गैस से भरे ट्रकों को जब्त किया था। बाद में सुरक्षा कारणों से इन वाहनों को सुरक्षित स्थान पर रखने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के माध्यम से ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सौंपी गई थी।

आरोप है कि इसी दौरान पांच कैप्सूल ट्रकों से बड़ी मात्रा में एलपीजी गैस निकालकर उसकी अवैध बिक्री की गई। जांच में करीब 87 से 92 टन गैस गायब होने की बात सामने आई है। गबन की गई गैस की कीमत लाखों रुपये आंकी गई है, जबकि इसे ऊंची रकम में बेचने का सौदा किया गया था।

मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आर्थिक अपराध और कालाबाजारी से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जांच शुरू की थी। फरार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की जानकारी जुटा रही है।

यह मामला प्रदेश में गैस भंडारण और परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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