महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ी कार्रवाई: कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार, ED ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ला रही

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एजेंसी उनकी 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है।

Jul 15, 2026 - 11:27
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महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ी कार्रवाई: कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार, ED ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ला रही
दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई का प्रतीकात्मक दृश्य। ED अधिकारी एक कारोबारी को सुरक्षा घेरे में ले जाते हुए दिखाई दें। पृष्ठभूमि में ED कार्यालय, फाइलें, दस्तावेज और जांच से जुड़े प्रतीकात्मक ग्राफिक्स हों। किसी व्यक्ति का वास्तविक चेहरा न दिखे। यथार्थवादी न्यूज़ फोटोग्राफी शैली, 16:9 अनुपात, बिना किसी टेक्स्ट के।

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया है। एजेंसी अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाकर पूछताछ करेगी।

ईडी का आरोप है कि महादेव नेटवर्क से जुड़े कथित अवैध धन के निवेश और कॉर्पोरेट अधिग्रहण में विकास गर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं कुर्क

गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही ईडी ने विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था।

एजेंसी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में शामिल हैं—

  • दिल्ली स्थित आवास
  • गोवा और नैनीताल की अचल संपत्तियां
  • बैंक खातों में जमा राशि
  • एबिक्स कंपनी में 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी

ईडी का दावा है कि इन संपत्तियों का अधिग्रहण महादेव बेटिंग ऐप से हुई कथित अवैध कमाई के जरिए किया गया।

एबिक्सकैश में निवेश की जांच

जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग का नाम विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड से जुड़ा है।

ईडी का आरोप है कि एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड के माध्यम से एबिक्सकैश में लगभग 64 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी गई और इसके लिए कथित तौर पर महादेव नेटवर्क से जुड़े धन का इस्तेमाल किया गया।

एजेंसी का कहना है कि धन को पहले शेल कंपनियों और फर्जी एंट्री ऑपरेटरों के जरिए कई स्तरों पर घुमाया गया और बाद में उसे शेयर बाजार, रियल एस्टेट तथा कॉर्पोरेट निवेश में लगाया गया।

हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक कमाई का दावा

ईडी के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट कथित रूप से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई करता था।

जांच एजेंसी का दावा है कि यह नेटवर्क फ्रेंचाइजी मॉडल पर संचालित होता था, जिसमें देशभर के एजेंट ऑनलाइन सट्टेबाजी के माध्यम से धन जुटाते थे। आरोप है कि इस धन का एक हिस्सा प्रभावशाली व्यक्तियों और भ्रष्ट लोकसेवकों तक भी पहुंचाया जाता था।

देश-विदेश तक फैली जांच

महादेव बेटिंग ऐप मामले की शुरुआत छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज एक एफआईआर से हुई थी। जांच के दौरान इसका नेटवर्क देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों तक फैला होने का दावा किया गया।

इस मामले की जांच ईडी और सीबीआई दोनों कर रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक 66 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किए जा चुके हैं।

हाल के घटनाक्रम में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के ओमान में गिरफ्तार होने की जानकारी भी सामने आई थी। इसके अलावा श्रीलंका में महादेव नेटवर्क से जुड़े कई लोगों पर भी कार्रवाई की खबरें आई हैं।

जांच जारी

फिलहाल ईडी विकास गर्ग से पूछताछ की तैयारी कर रही है। एजेंसी वित्तीय लेनदेन, निवेश के स्रोत और कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

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