बजट 2026 लाइव अपडेट: क्या FM निर्मला सीतारमण का बजट ट्रंप के टैरिफ के प्रभाव को कम कर पाएगा?
बजट 2026 की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फ़रवरी 2026 को संसद में बजट पेश करेंगी। ट्रेड टैरिफ, टैक्स स्लैब, निर्यात सहायता और विकास-उन्मुख नीतियों पर विशेषज्ञों की राय और लाइव अपडेट यहाँ पढ़ें। ट्रंप के टैरिफ के असर का भी विश्लेषण।
केंद्रीय बजट 2026 को इस बार सिर्फ घरेलू मुद्दों के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक headwinds और अमेरिका के Tariff युद्ध के प्रभाव से निपटने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रंप सरकार द्वारा लगाए गए टैरिफ और व्यापार तनाव की वजह से भारत जैसे निर्यात-आधारित सेक्टर पर दबाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को निर्यात प्रतिस्पर्धा बनाए रखने, लॉजिस्टिक लागत कम करने और कारोबार के लिए सरल नियम लागू करने की आवश्यकता है।
IMF की पूर्व उप-प्रमुख गीता गोपीनाथ ने चेतावनी दी है कि ट्रंप के टैरिफ की वजह से भारत की ग्रोथ रेट में लगभग 0.7% की गिरावट भी आ सकती है, जिससे बजट में निर्यात-समर्थन उपाय महत्वपूर्ण होंगे।
बजट 2026 की मुख्य उम्मीदें
1. टैक्स राहत और मध्यम वर्ग का ख्याल
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सैलरीड वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की मांग है जिससे वेतनभोगियों की टैक्स-योग्य आय कम हो।
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सीनियर सिटीज़न के लिए TDS सीमा बढ़ाने की उम्मीद है, जिससे ब्याज आय पर राहत मिलेगी।
2. निर्यात-उन्मुख क्षेत्र और MSMEs
विशेषकर टेक्सटाइल, चमड़ा, प्लास्टिक जैसे सेक्टर जो टैरिफ और व्यापार प्रतिबंधों की वजह से प्रभावित हुए हैं, लक्ष्यित सहायता पैकेज और निर्यात-प्रोत्साहन स्कीमों की मांग कर रहे हैं।
3. पूंजीगत व्यय (Capex) और इंफ्रास्ट्रक्चर
इंफ्रास्ट्रक्चर में विस्तार के लिए Capex में 10% तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है, जो अर्थव्यवस्था को सुगम और रोजगार-उन्मुख बनाएगा।
4. विनिर्माण सेक्टर, PLI और घरेलू प्रतिस्पर्धा
PLI (Production Linked Incentives) जैसे प्रोत्साहनों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाने की उम्मीद है, ताकि ट्रंप-टैरिफ वाली चुनौतियों का सामना सहज हो सके।
5. टैक्स स्ट्रक्चर में सुधार और बाजार-विश्वास
लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स में कमी और निवेश-अनुकूल बदलावों से निवेशकों और म्युचुअल फंड उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा।
क्या बजट ट्रंप के टैरिफ प्रभाव को कम कर पाएगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि सीधे तौर पर बजट में Tariff हटाना संभव नहीं है, क्योंकि वैश्विक व्यापार नीतियाँ द्विपक्षीय समझौतों और WTO जैसे मंचों से नियंत्रित होती हैं। लेकिन बजट द्वारा घरेलू प्रतिस्पर्धा मज़बूत कर, निवेश-औंर उत्पादन को प्रोत्साहित कर और निर्यात सहायता स्कीम लागू कर इसका प्रभाव कम किया जा सकता है।
इसका अर्थ यह है कि बजट प्रत्यक्ष नियंत्रण से अधिक, नीतिगत समर्थन, टैक्स राहत और फंडिंग प्रोत्साहनों के जरिए ट्रंप के टैरिफ के प्रभाव को नरम कर सकता है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
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29 जनवरी: इकोनॉमिक सर्वे 2026-27 पेश होगी।
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1 फरवरी 2026: FM निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।
बजट 2026 सिर्फ पारंपरिक वित्तीय व्यय-राजस्व का हिसाब नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों जैसे ट्रंप के टैरिफ दबाव, निर्यात समर्थन, घरेलू उद्योग को मजबूती देने और मध्यम वर्ग के आर्थिक बोझ को कम करने का रोडमैप भी होगा। स्थानीय और वैश्विक बढ़त को संतुलित करने के लिए सरकार को निर्यात-सहायता, टैक्स-राहत, Capex-विकास और उद्योग-उन्मुख नीतियों पर ध्यान देना आवश्यक है।
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