दुर्ग निगम कार्यालय का कांग्रेस ने किया घेराव, पानी-सफाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर प्रदर्शन
दुर्ग में कांग्रेस ने नगर निगम कार्यालय का घेराव कर पानी, सफाई, पेंशन, स्ट्रीट लाइट और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने निगम प्रशासन और भाजपा सरकार को घेरा।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में सोमवार को नगर निगम कार्यालय के बाहर कांग्रेस का बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पानी, सफाई, पेंशन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क नजर आया। नगर निगम कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। प्रदर्शनकारियों को निगम कार्यालय के प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया गया।
इस आंदोलन में पूर्व गृह मंत्री Tamradhwaj Sahu, पूर्व विधायक Arun Vora, कांग्रेस नेता धीरज बाकलीवाल और जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राकेश ठाकुर समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए शहर की मूलभूत समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। पार्टी नेताओं का आरोप है कि दुर्ग शहर के 60 वार्डों में लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव से परेशान हैं, लेकिन निगम प्रशासन स्थिति सुधारने में विफल साबित हो रहा है।
ज्ञापन में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन के भुगतान में देरी को गंभीर मुद्दा बताया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पिछले कई महीनों से हितग्राहियों को पेंशन नहीं मिली है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में बढ़ते जल संकट को लेकर भी कांग्रेस ने निगम प्रशासन को घेरा। पार्टी का आरोप है कि कई वार्डों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही, जबकि कई क्षेत्रों में लो-प्रेशर और दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। नेताओं ने कहा कि यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है।
प्रदर्शन के दौरान सफाई व्यवस्था को लेकर भी निगम पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। शहर में कचरा प्रबंधन की स्थिति को भी खराब बताया गया।
नेताओं ने कहा कि कई इलाकों में समय पर कचरा नहीं उठाया जा रहा, जिससे लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। रविशंकर स्टेडियम और धमधा नाका ओवरब्रिज के आसपास की स्थिति को विशेष रूप से चिंताजनक बताया गया। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि खुले में कचरा जलाने से प्रदूषण बढ़ रहा है।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस ने निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। नेताओं का कहना है कि कई वार्डों में लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय लोगों को परेशानी हो रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने आवासों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी प्रदर्शन में उठाया गया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक कई आवासीय क्षेत्रों में पानी, बिजली, सड़क और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
कांग्रेस ने नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप भी लगाए। ज्ञापन में मांग की गई कि निर्धारित दरों से अधिक के टेंडरों की समीक्षा कर कार्रवाई की जाए। साथ ही शक्तिनगर तालाब गहरीकरण कार्य में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की जांच की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता धीरज बाकलीवाल ने कहा कि नगर निगम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा चुकी है और पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है।
वहीं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जनता की परेशानियों से दूर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आने वाले दिनों में चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगी और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करेगी।
अरुण वोरा ने नगर निगम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी को भी शहर के विकास कार्यों में बाधा बताया। उन्होंने कहा कि समन्वय की कमी का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
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