छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी रेड: दुर्ग-बिलासपुर में छापेमारी, भारतमाला घोटाले की जांच तेज

छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बिलासपुर में ED की छापेमारी, भारतमाला मुआवजा घोटाले की जांच तेज। भाजपा नेता चतुर्भुज राठी, सर्राफा कारोबारी और कई नेताओं के कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।

Apr 30, 2026 - 18:01
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छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी रेड: दुर्ग-बिलासपुर में छापेमारी, भारतमाला घोटाले की जांच तेज
ED Raid in Chhattisgarh: भाजपा नेता चतुर्भुज राठी और सर्राफा कारोबारी के ठिकानों पर दबिश, नेताओं तक पहुंची जांच

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। गुरुवार को ED की टीम ने दुर्ग और बिलासपुर में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिससे राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हड़कंप मच गया।

दुर्ग में ‘अमर इंफ्रा’ के संचालक और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के घर और दफ्तर पर ED ने दबिश दी। यहां टीम उनके आधा दर्जन से अधिक फर्मों से जुड़े वित्तीय दस्तावेज, निवेश और लेनदेन की जांच कर रही है। वहीं भिलाई में गोविंद मंडल के निवास और फैक्ट्री में भी कार्रवाई जारी है।

दूसरी ओर बिलासपुर में बड़े सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर और सदर बाजार स्थित ‘श्री राम ज्वेलर्स’ पर ED के 10 से ज्यादा अधिकारियों ने छापा मारा। यह कार्रवाई कथित शराब घोटाले के फरार आरोपी विकास अग्रवाल से जुड़े सिंडिकेट के तार खंगालने के लिए की जा रही है। विकास अग्रवाल को अनवर ढेबर का करीबी और विवेक अग्रवाल का भाई बताया जा रहा है।

जांच में सामने आया है कि भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण में बड़े पैमाने पर मुआवजा घोटाला हुआ है। आरोप है कि जिन क्षेत्रों से प्रोजेक्ट गुजर रहा था, वहां कई नेताओं ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर जमीन खरीदी और बाद में उसी पर भारी मुआवजा लिया।

इस मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं के नाम सामने आने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

पटवारी और राजस्व निरीक्षकों द्वारा मुआवजे के फर्जी प्रकरण तैयार कर कलेक्टर को भेजे गए, जिन पर मंजूरी के बाद भुगतान किया गया। अब ED 12 जिलों के तत्कालीन कलेक्टरों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनमें से 6 पर कमीशन लेने का आरोप है।

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) पहले ही इस मामले में FIR दर्ज कर चुकी है। जांच के बाद तत्कालीन SDM समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें पटवारी, राजस्व अधिकारी, प्रॉपर्टी डीलर और किसान शामिल हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि रायपुर के बाद सबसे ज्यादा अनियमितताएं कोरबा जिले में हुईं, जहां मनमाने तरीके से मुआवजा बांटा गया।

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