छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों की स्नातकोत्तर (PG) भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ नहीं

Dec 21, 2025 - 10:09
 0  0
छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों की स्नातकोत्तर (PG) भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ नहीं

छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों की स्नातकोत्तर (PG) भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ नहीं है। कांग्रेस ने आशंका जताई है कि अगर मौजूदा हालात बने रहे, तो इस साल PG में 'जीरो ईयर' की स्थिति बन सकती है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि पिछले करीब तीन महीनों से PG काउंसलिंग चल रही है, लेकिन इस दौरान नियमों में बार-बार बदलाव किए गए।

कांग्रेस का कहना है कि इससे छात्रों में भ्रम की स्थिति बनी और मामला अब सुप्रीम कोर्ट और बिलासपुर हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।

कांग्रेस के मुताबिक, अखिल भारतीय मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राज्य कोटे की सीटों में बदलाव किया, जिससे छत्तीसगढ़ में MBBS कर चुके छात्रों का कोटा घटकर 25 प्रतिशत रह गया।

विपक्ष का दावा है कि यह व्यवस्था देश के कई अन्य राज्यों में अपनाई जा रही प्रक्रिया से अलग है।

न्याय की मांग को लेकर अदालत पहुंचे छात्र

डॉ. गुप्ता ने कहा कि इसी कारण कुछ छात्र न्याय की मांग को लेकर अदालत पहुंचे हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल करने की बात कही गई थी, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि इसमें अब तक देरी हो रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल नहीं की गई, तो छात्रों को मार्च में अगली सुनवाई तक इंतजार करना पड़ सकता है। तब तक PG की भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाएगी।

डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए, ताकि छात्रों का नुकसान न हो। पार्टी की मांग है कि छत्तीसगढ़ के मेडिकल छात्रों के लिए 50 प्रतिशत सीटें सुरक्षित रखी जाएं और बाकी 50 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया कोटे के तहत हों, जैसा कई अन्य राज्यों में होता है।

कांग्रेस ने साफ किया कि यह विपक्ष का आकलन और आशंका है, और अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो मेडिकल PG छात्रों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

राज्य कोटे की सीटें अब 50% से घटकर 25 प्रतिशत ही

बता दें कि, राज्य सरकार ने हाल ही में गजट नोटिफिकेशन जारी कर मेडिकल स्नातकोत्तर (पीजी) प्रवेश नियम 2025 में संशोधन किया है। नए नियम लागू होते ही राज्य कोटे की सीटों को 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसके चलते मेडिकल छात्रों और जूनियर डॉक्टरों में असंतोष है।

पहले प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटें सिर्फ उन छात्रों के लिए थीं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस किया है, लेकिन अब इन सीटों में भी बाहरी छात्रों को मौका मिलेगा।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पहले से ही 50 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया कोटे में जाती हैं, जबकि निजी कॉलेजों में 42.5 प्रतिशत स्टेट, 42.5 प्रतिशत मैनेजमेंट और 15 प्रतिशत एनआरआई कोटा रहता है। नए संशोधन के बाद स्टेट कोटे का दायरा बदल गया है।​

​नवंबर 2025 में ही नया नियम लागू किया गया था, जिसमें यह प्रावधान था कि हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में एमबीबीएस करने वाले छात्रों को ही पीजी एडमिशन का हक मिलेगा। अब नए संशोधन के बाद अधिकारी भी उलझन में हैं कि पहले वाले नियम को कैसे लागू किया जाए।

वहीं, निजी कॉलेजों में सीटों का गणित भी बदल जाएगा। भिलाई के कॉलेज में 57 सीटें हैं, जिनमें 49 राज्य कोटे की और 8 अन्य कोटे की हैं। रायपुर के दो निजी कॉलेजों में क्रमशः 63 सीटें (54 राज्य, 9 अन्य) और 66 सीटें (57 राज्य, 9 अन्य) उपलब्ध हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0