ईरान को 28 लाख करोड़ की मदद पर ट्रम्प का बड़ा बयान, अफवाहों को बताया गलत

डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को 28 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने की खबरों को खारिज किया। जानिए क्या है पूरा मामला, कांग्रेस की समीक्षा और तेल बाजार पर इसका असर।

Jun 17, 2026 - 11:37
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ईरान को 28 लाख करोड़ की मदद पर ट्रम्प का बड़ा बयान, अफवाहों को बताया गलत
ईरान को आर्थिक पैकेज देने की खबरों पर ट्रम्प का पलटवार, बोले- 28 लाख करोड़ की मदद सिर्फ अफवाह

वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कथित तौर पर 28 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं और इन्हें राजनीतिक कारणों से फैलाया जा रहा है।

ट्रम्प ने अफवाहों को बताया राजनीति से प्रेरित

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रम्प ने लिखा कि अमेरिका की ओर से ईरान को किसी बड़े आर्थिक पैकेज की मंजूरी नहीं दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की खबरें उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा भ्रम फैलाने के उद्देश्य से प्रचारित की जा रही हैं।

भविष्य में निवेश की संभावना से भी किया इनकार नहीं

फ्रांस में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से मुलाकात के दौरान ट्रम्प ने कहा कि फिलहाल अमेरिका ईरान में कोई निवेश नहीं कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य की परिस्थितियों के अनुसार निवेश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान को दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिकी कांग्रेस करेगी समझौते की समीक्षा

ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण समझौता होता है, तो उसे अमेरिकी कांग्रेस के सामने रखा जाएगा। कांग्रेस इस समझौते के सभी प्रावधानों की समीक्षा करेगी और उसके बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी। अमेरिका में परमाणु और सुरक्षा से जुड़े बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों की संसदीय जांच एक सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है।

इजराइल और लेबनान पर भी दिया बयान

ईरान मुद्दे के बीच ट्रम्प ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को क्षेत्रीय मामलों में संतुलित और जिम्मेदार रवैया अपनाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके कार्यकाल में अमेरिका और इजराइल के संबंध पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुए थे।

तेल बाजार में दिखा असर

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की संभावनाओं का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी देखने को मिला। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है, तो मध्य-पूर्व में तनाव घट सकता है और तेल आपूर्ति सामान्य बनी रह सकती है। इसी उम्मीद के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी संभावित समझौते का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, कूटनीतिक संबंधों और मध्य-पूर्व की राजनीतिक स्थिति पर भी पड़ेगा। फिलहाल ट्रम्प के बयान के बाद आर्थिक सहायता से जुड़ी अटकलों पर विराम लगा है, लेकिन परमाणु समझौते और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चर्चाएं अभी भी जारी हैं।

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