दुर्ग रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) अभिषेक शांडिल्य ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को जिले के पुलिस अधिकारियों की पहली अहम बैठक ली

Jan 28, 2026 - 08:30
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दुर्ग रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) अभिषेक शांडिल्य ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को जिले के पुलिस अधिकारियों की पहली अहम बैठक ली

दुर्ग रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) अभिषेक शांडिल्य ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को जिले के पुलिस अधिकारियों की पहली अहम बैठक ली। पुलिस नियंत्रण कक्ष में हुई इस बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी शामिल हुए।

बैठक में थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए है। आईजी ने कहा कि थाना प्रभारी पुलिसिंग में ढिलाई नहीं, बल्कि अनुशासन, जवाबदेही के साथ काम करें। इसके साथ ही IG ने कहा कि लुभावने विज्ञापन देकर ठगी करने वालों की सूची बनाई जाए, ऐसे गंभीर मामलों में TI खुद ही FIR दर्ज करें। वहीं उन्होंने 90 दिनों में लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश दिए है।

पुलिस कर्मचारियों की निगरानी और नियंत्रण पर फोकस

बैठक के दौरान आईजी शांडिल्य ने अधिकारियों से परिचय लिया और जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की।

उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्य, गतिविधियों और आचरण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस की छवि सीधे तौर पर आम जनता के विश्वास से जुड़ी होती है।

लुभावने विज्ञापन देकर ठगी करने वालों की बनेगी सूची

आईजी ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि थाना स्तर पर सक्रिय निगरानी करते हुए शहर में संचालित व्यवसायिक संस्थानों, संदिग्ध कंपनियों और लुभावनी निवेश योजनाओं की पहचान की जाए। ऐसे संस्थानों का सर्वे कर सूची तैयार की जाए, ताकि आम नागरिकों को ठगी से बचाया जा सके और समय रहते कार्रवाई संभव हो।

खुद ही एफआईआर दर्ज करें टीआई

महत्वपूर्ण संपत्ति संबंधी एवं शरीर संबंधी अपराधों में एफआईआर को लेकर आईजी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंभीर अपराधों, विशेषकर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में प्रथम सूचना पत्र थाना प्रभारी खुद अनिवार्य रूप से दर्ज करेंगे। किसी भी स्तर पर टालमटोल या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

90 दिनों में मामलों का निराकरण करने निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि थानों में लंबित धोखाधड़ी के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। विशेष रूप से एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।

साथ ही प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में समाधान तथा नए प्रावधानों के अनुसार पंजीबद्ध मामलों का 60 एवं 90 दिनों में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणीशंकर चंद्रा समेत सभी अधिकारी उपस्थित थे।

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