ईरान जंग पर पीएम मोदी का बड़ा बयान: असर लंबे समय तक रहेगा, देश को हर स्थिति के लिए रहना होगा तैयार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध का प्रभाव लंबे समय तक रह सकता है, इसलिए देश को तैयार और एकजुट रहना होगा। सरकार ने ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाए हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार संसद में विस्तृत बयान दिया है। लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने साफ कहा कि इस संघर्ष का असर केवल सीमित समय तक नहीं रहेगा, बल्कि इसके प्रभाव लंबे समय तक वैश्विक और भारतीय परिस्थितियों पर दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में देश को हर चुनौती के लिए तैयार रहना होगा।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि भारत पहले भी कठिन हालातों का सामना कर चुका है। कोरोना महामारी के समय देश ने जिस तरह एकजुट होकर संकट का सामना किया था, उसी भावना को फिर से मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने संयम, धैर्य और शांतिपूर्ण तरीके से हर स्थिति का मुकाबला करने की अपील की।
वैश्विक हालात और भारत की रणनीति
मोदी ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चलते ऊर्जा और व्यापार पर असर पड़ सकता है। भारत इस प्रभाव को कम करने के लिए सक्रिय रूप से रणनीति बना रहा है। उन्होंने कहा कि तेल और गैस की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए भारत अब अधिक देशों से आयात कर रहा है।
ऊर्जा और तेल आपूर्ति पर फोकस
सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। देश के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार मौजूद है, जिसे और बढ़ाने पर काम जारी है। इसके अलावा, आयात के स्रोतों को विविध बनाकर जोखिम को कम करने की कोशिश की जा रही है।
विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अब तक लाखों भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र भी शामिल हैं। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
बिजली और आपूर्ति व्यवस्था
आने वाले समय में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ेगी। इसे देखते हुए सरकार ने पावर सेक्टर में पूरी तैयारी कर ली है। कोयले का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उत्पादन से लेकर वितरण तक हर स्तर पर निगरानी की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा पर भरोसा
प्रधानमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि देश में खाद्यान्न की कोई कमी नहीं है। आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। साथ ही, किसानों और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
कूटनीति और शांति का संदेश
भारत ने इस पूरे मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट रखा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और सभी पक्षों को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। नागरिक ठिकानों और जरूरी ढांचे पर हमले को अस्वीकार्य बताते हुए उन्होंने तनाव कम करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री मार्गों, खासकर होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण रास्तों को बाधित करना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक है। भारत सभी देशों से शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील कर रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0









