MP Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन, चुनाव आयोग से फैसले पर पुनर्विचार की मांग
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भूपेश बघेल, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार समेत कई नेताओं ने धरना देकर फैसले का विरोध किया।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का विरोध तेज, चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना
मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी ने इस फैसले के खिलाफ खुला विरोध शुरू कर दिया है। राजधानी भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना देकर निर्णय पर सवाल उठाए और मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
धरने में कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई विधायक एवं संगठन पदाधिकारी प्रदर्शन में मौजूद रहे। नेताओं ने दावा किया कि नामांकन रद्द करने का फैसला निष्पक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है और इसकी दोबारा समीक्षा की जानी चाहिए।
चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए फैसले का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवार को चुनावी मुकाबले से बाहर करने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे इस मामले को केवल राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं रखेंगे बल्कि कानूनी विकल्पों का भी इस्तेमाल करेंगे।
धरने के दौरान नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। यदि किसी उम्मीदवार के नामांकन को लेकर विवाद है तो उसे निष्पक्ष तरीके से परखा जाना चाहिए, न कि जल्दबाजी में फैसला सुनाया जाना चाहिए।
यूथ कांग्रेस भी मैदान में उतरी
मुख्य प्रदर्शन से पहले यूथ कांग्रेस ने भी विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। युवा नेताओं का आरोप था कि राज्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर विपक्ष की आवाज को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
आखिर क्यों रद्द हुआ नामांकन?
जानकारी के अनुसार, भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया कि नामांकन पत्र में एक लंबित न्यायिक मामले की जानकारी नहीं दी गई। इसी आधार पर रिटर्निंग अधिकारी ने आपत्ति पर सुनवाई करते हुए नामांकन को निरस्त कर दिया।
हालांकि कांग्रेस का कहना है कि मामले से जुड़ी कानूनी स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है और निर्णय तथ्यों के बजाय तकनीकी आधार पर लिया गया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि वे इस फैसले को उच्च स्तर पर चुनौती देंगे।
विधानसभा परिसर में भी दिखा राजनीतिक टकराव
नामांकन रद्द होने के बाद विधानसभा परिसर में भी राजनीतिक माहौल गर्म रहा। कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। दोनों दलों के समर्थक अपने-अपने पक्ष में नारे लगाते नजर आए, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।
आगे क्या?
कांग्रेस अब चुनाव आयोग के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर संवैधानिक और कानूनी विकल्प का उपयोग किया जाएगा। वहीं भाजपा इस फैसले को नियमों के अनुरूप बताते हुए कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर रही है।
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब मध्य प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और न्यायिक प्रक्रिया के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0









