Iran-US Conflict: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका से बढ़े तेल के दाम, वैश्विक बाजार में चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के दावे ने वैश्विक तेल बाजार को झटका दिया है। ब्रेंट और WTI क्रूड की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जबकि मध्य पूर्व में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज़ी
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। एशियाई कारोबार के शुरुआती घंटों में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसकी बड़ी वजह ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के दावे और क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां मानी जा रही हैं।
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई (WTI) भी 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। निवेशकों के बीच अनिश्चितता और आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने तेल बाजार में तेजी को बढ़ावा दिया है।
कैसे बढ़ा विवाद?
तनाव उस समय और बढ़ गया जब होर्मुज क्षेत्र के पास एक अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर के गिराए जाने की खबर सामने आई। इसके बाद अमेरिका ने ईरान से जुड़े कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की निगरानी और रक्षा क्षमताओं को कमजोर करना था।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी संकेत दिया कि वाशिंगटन अपने हितों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। इसके कुछ ही समय बाद ईरान की सैन्य कमान ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है।
विरोधाभासी दावे
हालांकि अमेरिका ने ईरान के इन दावों को खारिज किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि जलडमरूमध्य अभी भी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और जहाजों की आवाजाही जारी है। वहीं ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि क्षेत्र में कुछ जहाजों को निशाना बनाया गया है।
इस बीच बहरीन में भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने सायरन बजने की पुष्टि करते हुए नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में यदि यहां लंबे समय तक तनाव बना रहता है या आवाजाही बाधित होती है, तो दुनिया भर में ईंधन की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार फिलहाल किसी भी सकारात्मक कूटनीतिक पहल का इंतजार कर रहा है। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए निकट भविष्य में तनाव कम होने के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।
निवेशकों की नजर आगे क्या होगा पर
ऊर्जा बाजार से जुड़े निवेशक अब अमेरिका और ईरान के अगले कदमों पर नजर बनाए हुए हैं। यदि दोनों देशों के बीच बातचीत की कोई नई पहल सामने आती है तो तेल की कीमतों में राहत मिल सकती है। लेकिन संघर्ष और बढ़ने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और तेज हो सकती है।
फिलहाल मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और आपूर्ति संबंधी चिंताओं ने वैश्विक तेल बाजार को सतर्क कर दिया है।
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