छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में धान खरीदी को लेकर कांग्रेसियों ने लगभग 1 घंटे तक पुराना धमतरी-रायपुर रोड पर नेशनल हाईवे-30 जाम किया

Jan 27, 2026 - 17:36
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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में धान खरीदी को लेकर कांग्रेसियों ने लगभग 1 घंटे तक पुराना धमतरी-रायपुर रोड पर नेशनल हाईवे-30 जाम किया

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में धान खरीदी को लेकर कांग्रेसियों ने लगभग 1 घंटे तक पुराना धमतरी-रायपुर रोड पर नेशनल हाईवे-30 जाम किया। प्रदर्शनकारियों ने धान का भूसा सड़क पर रखकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

कई किसानों ने अपनी परेशानियों को अधिकारियों के सामने रखा। कुछ किसानों ने कहा कि यदि धान नहीं बिका तो वे आत्महत्या कर सकते हैं। किसान जागेश्वर कुमार ने बताया कि उनके भाई की शादी धान न बिकने के कारण रद्द करनी पड़ी।

उनके पास कृषि ऋण चुकाने के लिए भी पैसे नहीं हैं। कांग्रेसियों ने चक्काजाम के दौरान बोरे में धान का भूसा लाकर विरोध किया और दावा किया कि धान चूहों ने नष्ट किया है। प्रदर्शन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

प्रशासन की मौजूदगी और बातचीत

एसडीएम पीयूष तिवारी मौके पर उपस्थित रहे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा। लगभग 1 घंटे बाद चक्का जाम समाप्त हुआ।

कांग्रेस की मुख्य मांगें

कांग्रेसियों की मुख्य मांग है कि धान खरीदी सुचारू रूप से हो, किसानों के टोकन काटे जाएं और किसानों को चोर समझकर उनके घरों पर जांच न की जाए। कांग्रेसियों ने सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चक्काजाम स्थगित किया है।

किसानों की समस्याएं

किसान मानसिंह मरकाम ने बताया कि उनके धान और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है। किसान हेमंत कुमार साहू ने बताया कि उनके टोकन नहीं कटे हैं और वे अपने ऋण की वजह से परेशान हैं। कई किसानों का कहना था कि धमतरी जिले में ही टोकन काटने में देरी हो रही है।

आगे की कार्रवाई

एसडीएम पीयूष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस की ओर से धान खरीदी और संबंधित मांगों के लिए ज्ञापन दिया गया है। ज्ञापन को शासन तक भेजा जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

किसानों को टोकन नहीं मिलने की समस्या

जिला अध्यक्ष कांग्रेस तारिणी चंद्राकर ने बताया कि किसानों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया। हर सोसाइटी में किसान परेशान हैं। धान खरीदी शुरू होने के बावजूद कई किसानों को अभी तक टोकन नहीं मिला है।

कई किसानों का कहना है कि उनके धान को समर्पण के नाम पर लिया जा रहा है और भौतिक सत्यापन किया जा रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। किसानों के कारण ही सरकार सत्ता में आई है, लेकिन आज वही अन्नदाता परेशान हैं। यही कारण है कि चक्का जाम किया गया।

जिला अध्यक्ष ने कहा कि अगर दो दिन के अंदर मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो दो दिन बाद फिर से चक्का जाम किया जाएगा।

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