इजराइल-ईरान युद्ध: नेतन्याहू ने मौत की अफवाहों को किया खारिज, कहा- ईरान अब दुनिया को ब्लैकमेल नहीं कर सकता

इजराइल के पीएम नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी मौत की अफवाहों को खारिज करते हुए दावा किया कि ईरान की न्यूक्लियर और मिसाइल क्षमता खत्म हो चुकी है। जानिए उनके बयान की 7 बड़ी बातें और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का पूरा अपडेट।

Mar 20, 2026 - 11:47
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इजराइल-ईरान युद्ध: नेतन्याहू ने मौत की अफवाहों को किया खारिज, कहा- ईरान अब दुनिया को ब्लैकमेल नहीं कर सकता
नेतन्याहू का बड़ा दावा- “मैं जिंदा हूं”, बोले- ईरान की न्यूक्लियर और मिसाइल ताकत खत्म

मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपनी मौत से जुड़ी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। गुरुवार देर रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ शब्दों में कहा—“मैं जिंदा हूं, और आप सभी इसके गवाह हैं।”

नेतन्याहू ने कहा कि पिछले करीब 20 दिनों में इजराइल ने ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई की है, जिससे उसकी परमाणु और मिसाइल क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। उनका दावा है कि अब ईरान के पास न तो यूरेनियम संवर्धन की क्षमता बची है और न ही बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की ताकत।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इजराइल ने अपने अभियान के तहत 100 से ज्यादा मिसाइल लॉन्चर तबाह किए हैं, साथ ही हथियार निर्माण से जुड़ी कई अहम फैक्ट्रियों को भी निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान से न्यूक्लियर खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक यह कार्रवाई जारी रहेगी।

नेतन्याहू के मुताबिक, इस युद्ध के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं—ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करना, उसकी मिसाइल ताकत को खत्म करना और वहां के लोगों के लिए स्वतंत्रता की स्थिति बनाना। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल और अमेरिका मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़े एक बड़े प्रोसेसिंग प्लांट पर हमला इजराइल ने अकेले किया था और इसमें अमेरिका की कोई सीधी भूमिका नहीं थी। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने फैसले खुद लिए हैं।

रेजीम चेंज को लेकर नेतन्याहू ने कहा कि केवल हवाई हमले पर्याप्त नहीं होंगे, इसके लिए जमीनी स्तर पर भी बदलाव जरूरी हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान की जनता को खुद आगे आना होगा।

इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी F-35 Lightning II फाइटर जेट को निशाना बनाया और उसे नुकसान पहुंचाया। IRGC ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने माना है कि एक F-35 जेट को मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। यह विमान मिडिल-ईस्ट के किसी देश में सुरक्षित उतारा गया है।

कुल मिलाकर, मिडिल-ईस्ट में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बड़े संघर्ष की ओर इशारा कर रहा है।

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