पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों पर दिए पार्टी नेता के दिए बयान और केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर के समर्थकों पर मतुआ समदुया के गोसांई से मारपीट के आरोप से बीजेपी बैकफुट पर
पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों पर दिए पार्टी नेता के दिए बयान और केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर के समर्थकों पर मतुआ समदुया के गोसांई से मारपीट के आरोप से बीजेपी बैकफुट पर है।
4 जनवरी को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य कहा- जो भी बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में आया है, उनका नाम मतदाता सूची में नहीं होना चाहिए।
आर्य के बयान के बाद से मतुआ समुदाय में गुस्सा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि यह आर्य का निजी विचार है, पार्टी की अधिकारिक राय नहीं। वीडियो सोशल मीडिया से हटा लिया गया है।
वहीं, उत्तर 24 परगना के ठाकुरनगर में मतुआ समुदाय के गोसांई (पंडित) से मारपीट की गई। आरोप है कि मारपीट बीजेपी के केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर के लोगों ने की। क्योंकि वो SIR से नाम हटाने पर सवाल रहा था।
हालांकि, बीजेपी ने आरोपों से इनकार किया है। वहीं घटना के विरोध में टीएमसी समर्थिक ऑल इंडिया मतुआ महासंघ पश्चिम बंगाल में सड़क जाम का ऐलान किया है।
मतुआ समुदाय बांग्लादेश से आए दलित हिंदू शरणार्थियों का बड़ा समूह है। जो चुनाव के दौरान प.बंगाल के उत्तर 24 परगना, नदिया और दक्षिण 24 परगना जिलों में निर्णायक भूमिका निभाता है।
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