छत्तीसगढ़-झारखंड बॉर्डर पर भीषण बस हादसा: 10 की मौत, 78 घायल; 19 की हालत गंभीर, परिजनों ने किया अंतिम संस्कार
छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर बलरामपुर के यात्रियों से भरी बस के पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से 19 की हालत गंभीर बनी हुई है और कई को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। मृतकों का तीन गांवों में अंतिम संस्कार शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की है। जानिए पूरी खबर।
बलरामपुर/झारखंड (छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा) — रविवार को एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने जा रही यात्रियों से भरी बस महुआडांड थाने के ओरसा घाटी इलाके में भीषण हादसे का शिकार हो गई। बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे 10 यात्रियों की मौत हो गई और 78 लोग घायल हुए। घायलों में से 19 लोगों की हालत गंभीर बनी है।
हादसा रविवार को तब हुआ जब बलरामपुर जिले के झपरा गांव के लगभग 80 ग्रामीण एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए झारखंड के लोध (Lodhphal) जा रहे थे। जैसे ही बस ओरसा घाटी की ढलान पर पहुंची, उसके ब्रेक फेल होने से बस अनियंत्रित हो गई और सड़क सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए लगभग 20 फीट गहरी खाई में पलट गई।
मृत्यु और घायल
इस भीषण दुर्घटना में 5 महिलाएं मौके पर ही मरीं, जबकि उपचार के दौरान 5 अन्य यात्रियों ने दम तोड़ दिया, जिससे कुल मौतों की संख्या 10 पहुँच गई है। घायलों का इलाज झारखंड और छत्तीसगढ़ के अस्पतालों जैसे रांची एम्स, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज और बलरामपुर जिला अस्पताल में कराया जा रहा है। कई गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।
अन्तिम संस्कार और शोक
दुर्घटना के बाद शवों को सोमवार देर शाम बलरामपुर लाया गया। आज (मंगलवार) तीन अलग-अलग गांवों — पीपरसोत में 7, महाराजगंज में 2 और बुद्धडीह में 1 शव — के परिजनों ने श्मशान घाट पहुँचकर दुखद अन्तिम संस्कार किया। माहौल स्नेह और आंसुओं से भरा रहा।
इलाज और सहायता
घायलों में से 19 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं वाले अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है और इलाज जारी है। कई को हड्डियों के फ्रैक्चर तथा अन्य गंभीर चोटों के साथ भर्ती किया गया है।
सरकार की घोषणा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को प्रत्येक के लिए ₹5 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा घायलों को ₹50,000 की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जाएँ और आगे इस तरह के हादसों की रोकथाम के लिए सतर्कता बढ़ाई जाए।
सड़क हादसा एक खुशी के मौके को मातम में बदल दिया। 10 लोगों की जानें चली गईं, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों के अंतिम संस्कार के साथ क्षेत्र में गहरा शोक छाया हुआ है, और सरकार द्वारा राहत सहायता की व्यवस्था की जा रही है।
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