छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 43 IAS अफसरों के प्रभार बदले, 7 जिलों को मिले नए कलेक्टर
छत्तीसगढ़ सरकार ने 43 IAS अधिकारियों के तबादले और प्रभार परिवर्तन किए हैं। निहारिका बारिक को गृह विभाग, ऋचा शर्मा को पंचायत और मनोज पिंगुआ को वन विभाग की जिम्मेदारी मिली है। सात जिलों में नए कलेक्टर भी नियुक्त किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए वरिष्ठ IAS अधिकारियों के विभागों और जिम्मेदारियों में व्यापक फेरबदल किया है। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में 43 अधिकारियों के प्रभार बदले गए हैं, जबकि सात जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति की गई है। इस बदलाव को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अगले ढाई साल के प्रशासनिक रोडमैप से जोड़कर देखा जा रहा है।
नई सूची के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी निहारिका बारिक को गृह विभाग की प्रमुख सचिव बनाया गया है। वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव ऋचा शर्मा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने वन विभाग का प्रभार मनोज पिंगुआ को सौंपा है।
ऊर्जा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सुबोध सिंह को ऊर्जा विभाग के साथ राज्य पावर कंपनी के अध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सारांश मित्तर को ऊर्जा सचिव के साथ-साथ CREDA का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहीं शहला निगार को समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा डॉ. रोहित यादव को वित्त विभाग, कमलप्रीत सिंह को स्कूल शिक्षा विभाग और परदेशी सिद्धार्थ कोमल को कृषि विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में भी बदलाव हुआ है। मुकेश बंसल को वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ लोक निर्माण विभाग और विमानन विभाग का प्रभार देते हुए मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है।
राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर जिलों में भी बड़े बदलाव किए हैं। कोरिया जिले में पुष्पा साहू, सूरजपुर में रेना जमील, बीजापुर में विश्वदीप और बलरामपुर-रामानुजगंज में चंदन संजय त्रिपाठी को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों में भी नए कलेक्टरों की पोस्टिंग की गई है।
सरकार के इस फैसले को प्रदर्शन आधारित प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने कार्यकाल के अगले चरण के लिए अनुभवी और परिणाम देने वाले अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सरकार का मानना है कि पंचायत, शिक्षा, ऊर्जा और कृषि जैसे विभागों के जरिए विकास योजनाओं को तेजी से जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा सकेगा।
सूत्रों के अनुसार सरकार अब उन अधिकारियों पर ज्यादा भरोसा जता रही है जिनका फील्ड अनुभव मजबूत रहा है और जिन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन किया है। हाल ही में बलरामपुर कलेक्टर को शिकायतों के बाद हटाया जाना भी इसी सख्त प्रशासनिक रुख का संकेत माना जा रहा है।
आने वाले समय में यही प्रशासनिक टीम राज्य सरकार की योजनाओं को गांव और शहरों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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