एम्स में डायबिटीज का इलाज कैसे कराएं: OPD रजिस्ट्रेशन से लेकर दवाओं, इंसुलिन और खर्च तक की पूरी जानकारी

Jan 6, 2026 - 08:53
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एम्स में डायबिटीज का इलाज कैसे कराएं: OPD रजिस्ट्रेशन से लेकर दवाओं, इंसुलिन और खर्च तक की पूरी जानकारी

भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और सही इलाज व समय पर जांच बेहद जरूरी है। एम्स दिल्ली देश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है जहां डायबिटीज का इलाज आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में किया जाता है। एम्स में मरीजों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन सिस्टम, स्पेशल क्लिनिक, नियमित जांच, डाइट और दवा की सुविधा, साथ ही जरूरत पड़ने पर इंसुलिन और एडवांस्ड ट्रीटमेंट भी उपलब्ध है। खास बात यह है कि एम्स में इलाज काफी सस्ता है और कई सुविधाएं मुफ्त या सब्सिडाइज्ड दरों पर मिलती हैं। अगर आप या आपके परिवार में किसी को डायबिटीज है तो एम्स दिल्ली का इलाज एक भरोसेमंद और सस्ता विकल्प है। हम आपको दिल्ली एम्स में डायबिटीज का स्टेप बाय स्टेप तरीके बता रहे हैं।

OPD अपॉइंटमेंट और रजिस्ट्रेशन
अगर आप नए मरीज हैं तो एम्स की वेबसाइट पर ओआरएस गेटवे या AIIMS@Delhi मोबाइल ऐप से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। चाहें तो सीधे अस्पताल जाकर ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूनिक पेशेंट आईडी दी जाएगी, जिसे हर बार फॉलो-अप में इस्तेमाल करना जरूरी है।

सही क्लिनिक का चयन करें
एम्स में डायबिटीज का इलाज डिपार्टमेंट ऑफ एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में होता है। यहां आम मरीजों के लिए जनरल एंडोक्राइन क्लिनिक और खास मामलों के लिए अलग-अलग स्पेशल क्लिनिक चलते हैं। जैसे जेस्टेशनल डायबिटीज क्लिनिक, बच्चों और युवाओं की शुगर क्लिनिक और पीडियाट्रिक एंडोक्राइन क्लिनिक। आपको OPD का शेड्यूल देखकर सही दिन पर जाना होगा।

पहली बार चेकअप और टेस्ट
पहली बार विजिट पर डॉक्टर आपकी पूरी बीमारी की हिस्ट्री लेंगे जैसे कब से शुगर है, कौन सी दवा ले रहे हैं, परिवार में किसे शुगर है आदि। इसके बाद फिजिकल टेस्ट होंगे जैसे वजन, ब्लड प्रेशर और पैरों की जांच। साथ ही कई जरूरी टेस्ट लिखे जाएंगे जैसे फास्टिंग ब्लड शुगर, खाने के बाद शुगर, HbA1c, लिपिड प्रोफाइल, किडनी और लिवर फंक्शन टेस्ट, ईसीजी आदि। जरूरत पड़ने पर आंखों और पैरों की भी जांच करवाई जाती है।

डाइट और दवाओं से इलाज की योजना
टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर आपके लिए एक पर्सनल ट्रीटमेंट प्लान बनाएंगे। इसमें डाइट चार्ट, एक्सरसाइज, डायबिटीज एजुकेशन और दवाएं शामिल होती हैं। टाइप-1 डायबिटीज वाले मरीज और जिनकी शुगर बहुत ज्यादा बिगड़ी हो उन्हें इंसुलिन दिया जाता है। टाइप-2 डायबिटीज वाले ज्यादातर मरीज गोलियों से शुरुआत करते हैं बाद में जरूरत पड़ने पर इंसुलिन शुरू होता है।

दवाएं और इंसुलिन की सुविधा
एम्स में Amrit Pharmacy है जहां से दवाएं मिलती हैं। नवंबर 2023 से यहां फ्री इंसुलिन स्कीम शुरू की गई है। एम्स ओपीडी से लिखी गई इंसुलिन कुछ मरीजों को मुफ्त मिलती है। अगर फ्री न मिले तो भी दवाएं और इंसुलिन सब्सिडाइज्ड रेट पर मिल जाती हैं एम्स जाते समय पहचान पत्र, पुराने मेडिकल रिकॉर्ड जैसे रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन, स्कैन आदि, जो दवाएं आप अभी ले रहे हैं वो साथ रखें। मोबाइल फोन भी जरूरी है क्योंकि ओटीपी और अपॉइंटमेंट अपडेट्स उसी पर आते हैं। अगर आपके पास पहले से UHID है तो उसी से फॉलो-अप अपॉइंटमेंट बुक करें।

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