NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, छत्तीसगढ़ के 45 हजार छात्रों को फिर देना होगा एग्जाम
NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई है। छत्तीसगढ़ के करीब 45 हजार छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। मामले की जांच अब CBI करेगी।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET UG 2026 को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया है। यह कदम पेपर लीक के गंभीर आरोपों और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के बाद उठाया गया है। अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
इस फैसले का असर छत्तीसगढ़ के हजारों छात्रों पर भी पड़ा है। प्रदेशभर से लगभग 45 हजार अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें रायपुर के करीब 9 हजार से अधिक छात्र शामिल थे। अब सभी को दोबारा परीक्षा देनी होगी।
दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं
NTA ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को नए सिरे से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से किए गए रजिस्ट्रेशन मान्य रहेंगे और अधिकांश परीक्षा केंद्र भी वही रहेंगे। हालांकि री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। एजेंसी ने यह भी कहा है कि परीक्षा शुल्क वापस करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जांच में सामने आए बड़े खुलासे
प्रारंभिक जांच में यह दावा किया जा रहा है कि प्रश्नपत्र से जुड़े कई सवाल परीक्षा से पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच गए थे। जांच एजेंसियों को ऐसे हस्तलिखित प्रश्न बैंक मिले हैं, जिनमें बड़ी संख्या में वही सवाल मौजूद थे जो बाद में वास्तविक परीक्षा में पूछे गए।
सूत्रों के अनुसार, बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई प्रश्न हूबहू परीक्षा में आए। मामले के तार राजस्थान के जयपुर और सीकर से जुड़ते बताए जा रहे हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इस मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
CBI करेगी पूरे मामले की जांच
केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। NTA का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और छात्रों का भरोसा कायम रखने के लिए यह फैसला लिया गया।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी किस स्तर से लीक हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही पैसों के लेनदेन और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
राजस्थान में मिला संदिग्ध गैस पेपर
जांच के दौरान राजस्थान के कुछ इलाकों से ऐसे हस्तलिखित नोट्स और गैस पेपर मिले, जिनके कई सवाल वास्तविक परीक्षा से मेल खाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा से दो दिन पहले कुछ छात्रों तक प्रश्नों का सेट पहुंचाया गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी गैस पेपर से कुछ सवाल मैच होना सामान्य माना जा सकता है, लेकिन बड़ी संख्या में प्रश्नों का समान होना गंभीर अनियमितता की ओर संकेत करता है।
पहले भी विवादों में रही NTA
यह पहली बार नहीं है जब NTA की परीक्षाएं विवादों में आई हैं। पिछले कुछ वर्षों में NEET और JEE जैसी परीक्षाओं में गलत रिजल्ट, तकनीकी गड़बड़ी, फर्जी उम्मीदवार और पेपर लीक जैसे आरोप लगते रहे हैं।
2024 में भी NEET परीक्षा को लेकर पेपर लीक विवाद सामने आया था। उस समय कुछ परीक्षा केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी। इसके अलावा टॉपर्स की संख्या और पूर्णांक पाने वाले छात्रों को लेकर भी सवाल उठे थे।
छात्रों और अभिभावकों में चिंता
परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। कई छात्र महीनों की तैयारी और मानसिक दबाव के बाद परीक्षा दे चुके थे। अब दोबारा परीक्षा की तैयारी को लेकर तनाव बढ़ गया है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए दोबारा परीक्षा कराना जरूरी कदम था, ताकि सभी छात्रों को समान अवसर मिल सके।
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