Chhattisgarh HC Grants Bail: आबकारी और शराब घोटाला केस में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आबकारी और शराब घोटाले से जुड़े ईडी और EOW मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत दे दी है। पढ़ें पूरी खबर और ताज़ा अपडेट।
छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित आबकारी और शराब घोटाले से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत दे दी है। यह जमानत प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) / एसीबी द्वारा दर्ज मामलों में दी गई है।
हाईकोर्ट की एकल पीठ ने दोनों मामलों में दायर जमानत याचिकाओं को स्वीकार करते हुए चैतन्य बघेल को राहत प्रदान की। अदालत ने मामले में आगे की सुनवाई और ट्रायल जारी रहने की बात भी स्पष्ट की है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 2019 से 2022-23 के बीच छत्तीसगढ़ में कथित रूप से हुए हजारों करोड़ रुपये के शराब और आबकारी घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि उस दौरान शराब कारोबार और आबकारी नीति में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं, जिससे राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस घोटाले के जरिए अवैध वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग की गई, जिसमें कई अधिकारी, कारोबारी और राजनीतिक रूप से जुड़े लोग शामिल बताए गए हैं।
चैतन्य बघेल पर लगे आरोप
ईडी और EOW द्वारा दायर चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि चैतन्य बघेल कथित शराब सिंडिकेट के एक अहम लाभार्थी थे। एजेंसियों का दावा है कि उन्हें करीब 200 से 250 करोड़ रुपये की अवैध राशि मिली, जिसे विभिन्न माध्यमों और कंपनियों के जरिए इधर-उधर किया गया।
हालांकि, बचाव पक्ष ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया और कहा कि अब तक आरोपों को साबित करने के ठोस सबूत पेश नहीं किए गए हैं।
अब तक की कानूनी कार्रवाई
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जुलाई 2025: ईडी ने चैतन्य बघेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया
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सितंबर 2025: हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
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दिसंबर 2025: ईडी और EOW ने पूरक चार्जशीट दाखिल की
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जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत मिली
अदालत की टिप्पणी
हालांकि जमानत आदेश का विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत ने जांच पूरी हो जाने, ट्रायल में समय लगने और आरोपी के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विपक्षी दलों ने जहां जांच को आगे बढ़ाने की मांग की है, वहीं कांग्रेस नेताओं ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इसे “सत्य की जीत” बताया है।
आगे क्या
जमानत मिलने के बावजूद, चैतन्य बघेल के खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। आने वाले दिनों में ट्रायल कोर्ट में आरोप तय होने और गवाहों की सुनवाई की संभावना है।
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