सुबह कौन सा कुत्ता किस मूड में, यह किसी को पता नहीं होता', आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि, किसी को कुत्तों को भी यह सलाह देनी चाहिए कि वे लोगों को न काटें. अदालत ने कहा कि, कोई भी जानवर का मन नहीं पढ़ सकता कि कुत्ता काटने के मूड में है या नहीं.
यह मामला जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन वी अंजारिया की बेंच के सामने आया. जस्टिस नाथ ने कहा कि कुत्ते किसी को तब काट सकते हैं या उसका पीछा कर सकते हैं जब वह व्यक्ति टू-व्हीलर या साइकिल पर हो, और वह व्यक्ति गिर सकता है या एक्सीडेंट हो सकता है.
जस्टिस नाथ ने सीनियर वकील कपिल सिब्बल से पूछा, "जबकि वे सड़क पर दौड़ते हैं, यह अपने आप में गुजरने वाली गाड़ियों, खासकर टू-व्हीलर और साइकिल सवारों के लिए खतरनाक है… क्या आप टू-व्हीलर पर रहे हैं या नहीं", सिब्बल ने जवाब दिया कि वह अपने करियर के शुरुआती दिनों में रहे थे.
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