छत्तीसगढ़ में विवाह रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य — 2016 के बाद हुई सभी शादियों का पंजीयन जरूरी; 7 दिन में मैरिज सर्टिफिकेट जारी, फर्जी शादी व बाल विवाह पर कड़ा रुख

छत्तीसगढ़ में अब 29 जनवरी 2016 के बाद हुई सभी शादियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार विवाह के पंजीकरण के बाद 7-10 दिनों में मैरिज सर्टिफिकेट मिलेगा, जिससे फर्जी शादी और बाल विवाह रोकने में मदद मिलेगी। जानिए पूरी प्रक्रिया, दस्तावेज़, फीस और नियम क्या हैं।

Jan 16, 2026 - 09:56
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छत्तीसगढ़ में विवाह रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य — 2016 के बाद हुई सभी शादियों का पंजीयन जरूरी; 7 दिन में मैरिज सर्टिफिकेट जारी, फर्जी शादी व बाल विवाह पर कड़ा रुख
छत्तीसगढ़ सरकार ने शादी रजिस्ट्रेशन को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाया — फर्जी विवाह, बाल विवाह व अन्य धोखाधड़ी पर लगाम; नियम, फीस और प्रक्रिया भी तय

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला लिया है — अब राज्य में हुई सभी शादियों का रजिस्ट्रेशन (विवाह पंजीयन) कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम 29 जनवरी 2016 के बाद संपन्न हुई शादियों पर लागू होगा।

 

नया नियम क्या है?

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित की है कि अब विवाह अनिवार्य रूप से पंजीकृत किए जाएंगे।

  • इसका उद्देश्य फर्जी विवाह, बाल विवाह और अन्य सामाजिक/कानूनी विवादों पर रोक लगाना है।

  • पंजीकृत विवाह से महिला व बच्चों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा भी बेहतर होगी।

कानूनी आधार

यह निर्णय छत्तीसगढ़ अनिवार्य विवाह पंजीकरण नियम, 2006 और छत्तीसगढ़ आनंद विवाह पंजीयन नियम, 2016 के तहत लिया गया है, जिनसे विवाह पंजीकरण का ढांचा पहले से मौजूद था, लेकिन अब प्रदेश में पूरी तरह से लागू कर दिया गया है।

विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया (Marriage Registration Process)

 आवश्यक दस्तावेज़ (Documents Required):

  • पति और पत्नी दोनों के हस्ताक्षरित आवेदन।

  • दूल्हा-दुल्हन के आयु संबंधी दस्तावेज़ (10वीं मार्कशीट / जन्म प्रमाण पत्र / पासपोर्ट)।

  • विवाह पत्र / विवाह कार्ड की प्रति।

  • दोनों पक्षों के पासपोर्ट साइज फोटो और विवाह का फोटो।

  • रहने का प्रमाण (राशन कार्ड / स्थानीय निवास का दस्तावेज़)।

 आवेदन कैसे करें?

  • संबंधित लोक सेवा केंद्र, तहसील कार्यालय या eDistrict CGPortal पर फ़ॉर्म जमा करें।

  • पंजीकृत अधिकारी दस्तावेज़ सत्यापित करने के बाद विवाह को पंजीकृत करेगा।

फी और समय सीमा (Fees & Timeline)

  • आवेदन फीस: लगभग ₹30।

  • पंजीकरण फीस: तकरीबन ₹500 (अधिकतर जिलों में समान)।

  • आमतौर पर 15-30 दिनों में विवाह के लिए मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।

फर्जी शादी और बाल विवाह पर प्रभाव

छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय फर्जी विवाह प्रमाणपत्र और बाल विवाह जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विवाह पंजीकरण से:

  • बाल विवाह जैसे मामलों की पहचान सरकारी रिकॉर्ड में तुरंत होगी।

  • कागज़ी धोखाधड़ी और झूठे मामलों को रोकने में मदद मिलेगी।

क्या बिना पंजीकरण शादी कानूनी नहीं?

अगर किसी दंपत्ति ने पंजीकरण नहीं कराया है तो वह शादी अवैध नहीं मानी जाती, लेकिन बिना पंजीकरण विवाह के कानूनी व प्रसंगिक मुद्दों (जैसे उत्तराधिकार, तलाक, सरकारी योजनाएँ आदि) में समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। यह नियम सामाजिक और कानूनी मान्यता को सुनिश्चित करता है। छत्तीसगढ़ अब विवाह रजिस्ट्रेशन को कानूनी रूप से अनिवार्य कर रहा है, जिससे समाज में पारदर्शिता, अधिकारों की सुरक्षा और गरीब-महिलाओं के हितों की रक्षा मजबूत होगी। सभी दंपत्तियों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित समय पर विवाह का पंजीकरण करवा लें ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

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