छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद से 55 वर्षीय लुटेरे दूल्हे, बिरेन कुमार सोलंकी, को गिरफ्तार किया
छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद से 55 वर्षीय लुटेरे दूल्हे, बिरेन कुमार सोलंकी, को गिरफ्तार किया है। बिरेन के तीन बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़े की उम्र 35 साल है। उसने खुद को कुंवारा बताकर अब तक चार शादियां की हैं।
मामला तब सामने आया जब दुर्ग की एक महिला टीचर ने बिरेन से शादी की। दोनों का चार साल का रिश्ता रहा और 2023 में शादी हुई। शादी के समय बिरेन गुजरात से अकेले बिना बारात आए, और ट्रेन की टिकट नहीं मिलने का बहाना बनाया।
शादी के बाद बिरेन कई दिनों तक शिक्षिका को भ्रमित करता रहा और उनके 32 लाख रुपए कैश और 12 लाख के जेवर चुरा लिए। शिकायत मिलने पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया और बिरेन को गुजरात से गिरफ्तार किया।
पीड़िता ने बताया कि बिरेन खुद को कुंवारा बताकर महिलाओं के साथ धोखाधड़ी कर उन्हें लूटता रहा। उसे फंसाने के बाद ही उसने चौथी शादी की थी। यह मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
दुर्ग की शिक्षिका को कुंवारा बताकर चौथी शादी की
गुजरात के बिरेन कुमार सोलंकी ने 2019 में अपनी तीसरी शादी के लिए विज्ञापन दिया था। इस विज्ञापन को देखकर दुर्ग की एक शिक्षिका ने उनसे शादी की बातचीत आगे बढ़ाई। सोलंकी ने खुद को अविवाहित और एक प्राइवेट कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत बताया।
सोलंकी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर शिक्षिका शादी के लिए तैयार हो गई। 2019 में वह अहमदाबाद, गुजरात गई और वहां बिरेन कुमार सोलंकी से मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान दोनों ने एक साल के भीतर शादी करने के लिए सहमति जताई।
पहले लिव इन में रहने का दिया झांसा
मुलाकात के बाद जब शिक्षिका दुर्ग वापस आई, तो आरोपी ने उन्हें कहा कि जब तक सामाजिक रीति-रिवाज अनुसार शादी नहीं होगी, हम लिव-इन रिलेशनशिप में रहेंगे। इस पर शिक्षिका ने हामी भर दी।
नवंबर 2019 में आरोपी पहली बार दुर्ग आया और कुछ दिनों तक शिक्षिका के साथ रहा। इसके बाद वह नियमित रूप से 1-2 महीने के अंतराल पर अहमदाबाद जाती रहीं और वहां दोनों निजी होटल में ठहरते।
साल 2020 से अप्रैल 2023 तक दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। इस दौरान सोलंकी ने यह जानकारी छुपाई कि वह पहले से कई महिलाओं से शादी कर चुका है।
बिना बारात और परिवार के पहुंचा दुर्ग, होटल में शादी की
शादी 3 मई 2023 को दुर्ग के एक होटल में तय हुई। आरोपी ने बहाना बनाया कि ट्रेन की टिकट नहीं मिल रही है, इसलिए परिवार में से कोई नहीं आ पाएगा। वह कार से बिना बारात और परिवार के अकेले गुजरात से आया और दोनों की शादी हुई।
शादी के बाद जब शिक्षिका आरोपी के साथ गुजरात गई, तब भी उसने अपने पैतृक घर ले जाने या रिश्तेदारों से मिलाने से परहेज किया। बाद में पता चला कि जिस पैतृक गांव का नाम आरोपी देता था, वहां उसका कोई घर या रिश्तेदार ही नहीं हैं। शादी के बाद वह उसे एक अन्य घर ले गया और एक सप्ताह रहने के बाद शिक्षिका को दुर्ग वापस भेज दिया।
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